{"_id":"5c682c6abdec2217fc33ec79","slug":"court-convicts-young-man-in-case-of-digital-misdeed-from-foreign-woman","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत ने विदेशी महिला से डिजिटल रेप के मामले में युवक को दोषी ठहराया, जानिए पूरा मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अदालत ने विदेशी महिला से डिजिटल रेप के मामले में युवक को दोषी ठहराया, जानिए पूरा मामला
Sat, 16 Feb 2019 08:59 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 16 Feb 2019 08:59 PM IST
विज्ञापन
court
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली की एक अदालत ने अमेरिका की एक महिला के साथ डिजिटल रेप के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया गया है, हालांकि एफएसएल की रिपोर्ट नेगेटिव मिलने के कारण आरोपी पर लगी दुष्कर्म की धाराओं को खारिज कर दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ईला रावत ने कहा कि जब कोई अपने हाथों से किसी महिला के गुप्तांग से छेड़छाड़ करता है तो वह डिजिटल रेप का दोषी होता है। महिला का अब भारत में कोई रहने कोई मकसद बाकि नहीं बचा है, क्योंकि इस घटना के बाद महिला की शादी भी टूट गई। मामले में हुई एफएसएल जांच रिपोर्ट में आईपीसी की धारा 376 के तहत दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर अदालत ने आरोपी को 2013 में संशोधित डिजिटल रेप के तहत दोषी ठहराया।
महिला ने याचिका में अदालत को बताया कि अमेरिका और रूस के दो विदेशियों के साथ उनके मानि मालिक के बेटे द्वारा 24 जून 2013 की तड़के करीब 4 बजे यौन शोषण किया गया। इस बाबत पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
अदालत में आरोपी ने दलील दी कि महिला के पति और उसके बीच विवाद था इस वजह से उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं पीड़िता ने अदालत में गवाही दी कि घटना के वक्त वह अपने पति के साथ सो रही थी और तभी उनके मकान मालिक का बेटा उनके कमरे में घुस आया और उसके गुप्तांग में हाथ से छेड़छाड़ की।
विज्ञापन
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ईला रावत ने कहा कि जब कोई अपने हाथों से किसी महिला के गुप्तांग से छेड़छाड़ करता है तो वह डिजिटल रेप का दोषी होता है। महिला का अब भारत में कोई रहने कोई मकसद बाकि नहीं बचा है, क्योंकि इस घटना के बाद महिला की शादी भी टूट गई। मामले में हुई एफएसएल जांच रिपोर्ट में आईपीसी की धारा 376 के तहत दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर अदालत ने आरोपी को 2013 में संशोधित डिजिटल रेप के तहत दोषी ठहराया।
विज्ञापन
महिला ने याचिका में अदालत को बताया कि अमेरिका और रूस के दो विदेशियों के साथ उनके मानि मालिक के बेटे द्वारा 24 जून 2013 की तड़के करीब 4 बजे यौन शोषण किया गया। इस बाबत पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
अदालत में आरोपी ने दलील दी कि महिला के पति और उसके बीच विवाद था इस वजह से उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं पीड़िता ने अदालत में गवाही दी कि घटना के वक्त वह अपने पति के साथ सो रही थी और तभी उनके मकान मालिक का बेटा उनके कमरे में घुस आया और उसके गुप्तांग में हाथ से छेड़छाड़ की।