फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed

वाहन चोरी का गैंग चला रहा था सिविल इंजीनियर, स्मार्ट चाबी से खोलता था कार का लॉक

Wed, 30 Aug 2017 06:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 30 Aug 2017 06:00 PM IST
विज्ञापन
civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed
इसी मशीन से स्मार्ट चाबियां बनाते थे गिरोह के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सिविल इंजीनियर व गिरोह सरगना समेत नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य पिछले दो वर्ष में 500 से ज्यादा गाडिय़ां चुरा चुके हैं।

विज्ञापन


इनका गाड़ी चुराने का तरीका भी बहुत ही आधुनिक था। इनके पास से 177 स्मार्ट चाबियां बरामद की गई हैं। इनमें से 94 चाबियों की प्रोग्रामिंग हो चुकी थी। इन चाबियों से कोई सी गाड़ी चुराई जा सकती हैं।  इस गिरोह का सरगना यूपी के देवरिया का रहने वाला है। 
विज्ञापन


दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह के अनुसार, जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) प्रभारी रिछपाल सिंह को 20 अगस्त को सूचना मिली थी कि वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले नीरज तिवारी व जितेन्द्र कुमार महिपालपुर आएंगे और वहां से गुरुग्राम साथियों से मिलने जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करते थे वाहन चोरी

civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed
main accused

इंस्पेक्टर रिछपाल सिंह की दखेरख में एसआई मंजीत सिंह, कृष्ण कुमार व एएसआई राजबीर सिंह की टीम ने यहां घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब ये बिना नंबर प्लेट की होंडा सिटी कार में यहां पहुंचे थे। इनके कब्जे से छह हाईएंडर सेंसर बेसड् चाबियां बरामद की गईं।  

होंडा सिटी कार मालवीय नगर इलाके से चोरी हो रखी थी। इनकी निशानदेही पर इनके तीसरे साथी नरेश चावला को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों को पुलिस रिमांड पर लिया। आरोपियों ने बताया कि देवरिया, यूपी का सुभाष तिवारी इस गिरोह का सरगना है। पुलिस टीम ने 25 अगस्त को देवरिया से सुभाष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। 

इसके कब्जे से होंडा एकोर्ड कार व ऑटोमेटिक चाबी बनाने वाली किट बरामद की गई। इसके बाद 28 अगस्त को इनकेपांच अन्य साथी नासिर, शौकत अली, मोहसिन, वसीम और आसिम को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से हुंडई आई-10 कार, मारूति एस्टीम आदि सामान बरामद किया गया।

मुख्य आरोपी ने गोरखपुर से की थी सिविल इंजीनियरिंग 

civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed
bike loot

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 177 स्मार्ट चाबियां बरामद की हैं। इनमें से 94 चाबियां ऐसी बना रखी थीं कि उनसे कोई भी कार चुराई जा सकती थी। ये चाबियां प्रोग्रामिंग की हुई थीं।

इनके कब्जे से टोयटा फाच्र्यूनेर की 15, हुंडई वर्ना की 20, होंडा कार की 6, महिंद्रा की 13, चेबरोलेट तवेरा की 10, डस्टर की 5, हुंडई क्रेटा की 10, मारूति स्वीफ्ट की 15 चाबियां बरामद की हैं। इसके अलावा डुप्लीकेटिंग की कटिंग मशीन सिल्का फूचरा(आयातित), ट्रांसपोंडर क्लोनिंग/ डुप्लीकेटिंग मशीन मिंडा सिल्का फास्ट कॉपिंग प्लस(आयातित), हाईटेक डायग्नोस्टिक किट टूल्स आदि बरामद की हैं।

वाहन चोरी करने वाले इस गिरोह का वाहन चुराने का तरीका अलग था। गिरोह के सदस्य सुभाष तिवारी केलिए काम करते थे। सुभाष के पास काफी वाहनों की जानकारी थी। सुभाष चोरी के वाहनों को पूर्वोत्तर राज्यों में बेचता था।

चोरी करते समय वाहन आवाज नहीं करता था

civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed
बेखौफ हुए चोर
आरोपी जितेन्द्र कैब चलाता था और वह कैब से ही महंगी व लग्जरी कारों की रैकी करता था। रैकी केबाद ये वाहन की सूचना नीरज तिवारी को देता था। नीरज टारगेट वाहन मेक, मॉडल का पता करता था। 

इसकी जानकारी वह टेक्नीलक एक्सपर्ट नरेश चावला को जानकारी देता था। इसकेबाद नरेश चावला सुभाष तिवारी की मदद से टॉरगेट की गई कार केमॉडल के हिसाब से किट मशीन से प्रोग्रामिंग सेंटर बेसड् चाबी बनाते थे। इसके बाद कार को चुरा लेते थे। चुराने केकार को देवारिया में सुभाष तिवारी के पास पहुंचाया जाता था। सुभाष पूर्वोत्तर राज्यों में अच्छे दामों पर बेच देता था। 

आरोपी कार को इस तरह चुराते थे कि कार में अलार्म लगा होने के बावजूद आवाज नहीं होती थी। ये कार केशीशे को तोडने व ईसीएम को बदलने की बजाय कार के सिक्यूरिटी सिस्टम को डायग्नोस्टिक सिस्टम से फेल कर देते थे। इसके बाद ये सेंसर बेसड् प्रोग्रामिंग स्मार्ट चाबी तैयार करते थे। 

डायग्नोस्टिक किट की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। इस किट को अधिकृत कंपनियां ही इस्तेमाल करती हैं। जितेन्द्र कुमार व अन्य कार की फर्जी आईडी बनाते थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से वाहनचोरी के 14 मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।

इसने कंपनी की फ्रेंचाइजी खोली

civil engineer running Autolifter gang, 9 members nabbed
demo

देवरिया, यूपी निवासी सुभाष तिवारी(55) ने वर्ष 1989 गोरखपुर,यूपी से सिविल इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद ये एक कंपनी में काम करने लगा। इसने कंपनी की फ्रेंचाइजी खोली, मगर ये व्यवसाय में नाकाम हो गया। वर्ष 2010 में ये कई वाहन चोरों के संपर्कमें आया और चोरी केवाहनों को पूर्वोत्तर राज्यों में भेजने लगा। इसके बाद इसने वाहन चोरों का एक गिरोह बनाया। 

इसके खिलाफ दिल्ली व गुरुग्रामव् में वाहन चोरी के चार मामले दर्ज हैं। पेशे से ड्राइवर व मूलरूप से सतना, मध्यप्रदेश निवासी नीरज कुमार तिवारी(29) चोरी के वाहनों को पूर्वोत्तर राज्यों में भेजता था। इसके खिलाफ दिल्ली व गुरुग्राम में वाहन चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। मूलरूप से लोनी, गाजियाबाद निवासी जितेन्द्र कुमार(37) कैब चलाता था और कैब से ही रैकी करता था। इसके खिलाफ दिल्ली व गुडग़ांव में वाहन चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। 

सेक्टर-चार, गुरुग्राम, हरियाणा निवासी नरेश चावला(49) स्मार्ट चाबियां बनाता था। उसका गुरुग्राम में चाबी बनाने का व्यवसाय है। बुलंदशहर, यूपी निवासी नासिर(26) जंक डीलर था। इसके खिलाफ गौतमबुद्घ नगर में वाहन चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। बुलंदशहर, यूपी शौकत अली (52) ने गोदाम बना रखा था। बुलंदशहर,यूपी निवासी मोह,सिन(25), वसीम(27) और आसिम(27) का  शौकत अली के कर्मचारी थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed