मर्चेंट नेवी में नौकरी का दिया झांसा, मलयेशिया में बना दिया मजदूर
- मलयेशिया में बंधक बनाकर रखा गया, 3 लाख रुपये भी वसूले
- थाने और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा है पीड़ित
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नौकरी का झांसा देकर एक संस्थान ने एक युवक से 3 लाख रुपये वसूल लिए और मलयेशिया भेजकर मजदूर बना दिया। पीड़ित किसी तरह से वहां से वापस आया और पुलिस से शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस उक्त संस्थान के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है।
वहीं संस्थान के संचालक का कहना है कि पीड़ित उसे ब्लैकमेल कर रहा है। भीमगढ़ निवासी पीड़ित अजीत ठाकुर ने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2013 में मर्चेंट नेवी में नौकरी का फॉर्म निकला था। उसने सीमैन पोस्ट के लिए आवेदन किया था।
कुछ दिन बाद उनके घर एक एडमिट कार्ड आया। जिसमें ई-ब्लॉक साउथ सिटी-2, प्लॉट-15बी, लोवर ग्राउंड फ्लोर स्थित एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड में संपर्क करने को कहा गया था। वहां राहुल यादव, विजयवीर और डीके मिले।
इसके अलावा वहां 24 लड़के और थे। सभी का 40 मिनट तक टेस्ट लिया गया। दूसरे दिन शबनम ठाकुर का फोन आया और सेलेक्शन होने की बात की। इस दौरान कई चरणों में किसी न किसी कागजात को तैयार कराने के लिए करीब 3 लाख रुपये वसूल लिए गए।
9 नवंबर 2014 को अजीत के साथ आशीष और कुलदीप को ट्रेन का टिकट देकर चेन्नई पहुंचने के लिए कहा गया। वह 12 नवंबर को चेन्नई पहुंचा। वहां से जहाज से अगली सुबह तीनों मलयेशिया पहुंचे। वहां माधव नामक व्यक्ति मिला।
माधव ने तीनों को 10-12 किमी दूर ले जाकर एक कमरे में बंधक बना लिया
आरोप है कि माधव ने तीनों को 10-12 किमी दूर ले जाकर एक कमरे में बंधक बना लिया। इस दौरान माधव से अजीत को मजदूरी करने को कहा। अजीत ने इसकी जानकारी अपने मौसा को दी।
मौसा ने जब एकेडमी में हंगामा किया तो राहुल ने माधव को फोन कर अजीत को 7 दिन में वापस भेजने को कहा। आरोप है कि उसे सात दिनों तक भूखा प्यासा रखा गया। जब अजीत ने राहुल से अपने रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी जाने लगी।
पीड़ित का यह भी कहना है कि यहां बुलाकर राहुल ने उसे अपने यहां ड्राइवर की नौकरी पर रखा और बगैर वेतन दिए पांच महीने बाद निकाल दिया। डेढ़ साल से वह पुलिस से शिकायत कर थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
अजीत हमें ब्लैकमेल कर रहा है। हमने उसको कोचिंग दी थी। अजीत को मलयेशिया भेजा था लेकिन वहां उसका मन नहीं लगा और उसने शिप नहीं ज्वाइन की। हमने उससे सिर्फ 1.5 लाख रुपये फीस ली थी।
अजीत ने हमारे खिलाफ सदर थाने में कई बार शिकायत दी है। तीन बार जांच को चुकी है। हमारी एकेडमी ने इस युवक के खिलाफ सदर थाने में शिकायत दी है। उसे नोटिस भी भेजा जा रहा है। - राहुल यादव, एकेडमी संचालक