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कैब लूट मामला: भारतीय नागरिक की आईडी पर था अफ्रीकी लुटेरे का सिम
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 01 Sep 2017 09:44 AM IST
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चार अफ्रीकी नागरिकों के कैब लूट के मामले में पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी ने जिस सिम का इस्तेमाल कर कैब बुक कराई थी वह भारतीय नागरिक के नाम है। इससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में देरी हो रही है। हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि उनके हाथ ठोस सुराग लगे हैं और वह जल्द वारदात का खुलासा कर देंगे।
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बता दें कि मूलरूप से मेरठ के कंकडख़ेड़ा और हाल सेक्टर-93 निवासी अंकुर एक कंपनी में कांट्रेक्ट पर कैब चलाता है। सोमवार रात लगभग आठ बजे उसके मोबाइल पर कैब बुकिंग का संदेश मिलने के बाद वह अक्षरधाम पहुंचा था। वहां से चार अफ्रीकी मूल के नागरिकों को गाजियाबाद क्रॉसिंग रिपब्लिक के लिए लेकर चला था।
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रास्ते में अफ्रीकी आरोपियों ने उसे बंधक बना लिया और दो घंटे तक ग्रेनो में घुमाने के बाद कासना कोतवाली क्षेत्र में फेंककर कार लूट ले गए थे। कासना कोतवाली पुलिस ने इस मामले में पड़ताल की है। जिसमें पता चला है कि अफ्रीकी आरोपियों ने जिस सिम का इस्तेमाल कर कैब बुक की थी किसी भारतीय नागरिक के नाम है।
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इससे उसके फर्जी होने की जानकारी मिल रही है। वहीं, यह भी पता चला है कि अफ्रीकी आरोपी कैब बुक करने के बाद दिल्ली पांडव नगर एक युवती से मिलने गए थे। पुलिस युवती से भी संपर्क कर आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि अफ्रीकी आरोपी छात्र हैं या फिर अवैध रूप से रह रहे हैं। इस संबंध में पुलिस ने अफ्रीकी छात्र एसोसिएशन से भी संपर्क कर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया है।
मोबाइल नंबर से नहीं मिली ठोस जानकारी
अफ्रीकी आरोपियों ने जिस नंबर से कैब बुकिंग की थी। उसकी पड़ताल में वह किसी भारतीय नागरिक की निकली है। इसके चलते नंबर से आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। अंदेशा है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए अन्य की आईडी से खरीदे गए सिम का इस्तेमाल किया है। हालांकि पुलिस को कुछ अह्म सुराग मिले हैं। जिससे घटना का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है।
जितेंद्र सिंह, कासना कोतवाली