हाईवे पर हैवानियत: खुलासे में बड़ा ‘खेल’, सीबीआई की जांच में पुलिस हो रही फेल
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दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 91 पर बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ हुई हैवानियत पर की गई कार्रवाई के मामले में यूपी पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हो रही है।
सीबीआई की पड़ताल के साथ ही पुलिस की लापरवाही परत-दर-परत उजागर हो रही है। यही कारण है कि पुलिस की थ्योरी से ही अपना काम शुरू करने वाली सीबीआई अब अलग तथ्यों को आधार बनाकर अपनी जांच शुरू करेगी।
जांच एजेंसी ने मामले के दो विवेचकों को दिल्ली तबल भी किया है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई इस केस में यूपी पुलिस की अब तक की कार्रवाई से कोई इत्तेफाक नहीं रखती।
घटनास्थल की जांच पर की गई लापरवाही से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पर सीबीआई अफसर यूपी पुलिस से सहमत नजर नहीं आ रहे। सूत्र बताते हैं कि 29 जुलाई की जिस रात यह वारदात हुई, पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की लोकेशन उस रात गैर राज्य के एक रेलवे स्टेशन पर आ रही है।
रेलवे स्टेशन पर मिली आरोपियों के लोकेशन
लोकेशन पुख्ता करने के लिए सीबीआई ने संबंधित स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों जैसे ही चेहरे भी दिख रहे हैं। सीबीआई अब इन फुटेज की गहनता से पड़ताल कर रही है।
हालांकि सीबीआई अधिकारी अभी कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं। मामले की गहराई तक जाने के लिए सीबीआई अब गिरफ्तार आरोपियों के डीएनए टेस्ट भी कराने पर विचार कर रही है।
बताया जाता है कि सीबीआई मंगलवार को एक बार फिर से बुलंदशहर में घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही इस केस की जांच से संबंधित पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज कर सकती है। खोड़ा में पीड़ित परिवार से भी सीबीआई फिर से बात कर सकती है।
पुलिस की यह लापरवाही आई सामने
- घटनास्थल को पुलिस ने सीज नहीं किया। ऐसे में वहां बड़ी संख्या में लोगों के फुट प्रिंट बन गए।
- आनन-फानन में इस केस का खुलासा करने वाली यूपी पुलिस ने घटनास्थल तक का ठीक से निरीक्षण नहीं किया।
- खुलासे के कई दिन बाद सीबीआई को घटनास्थल पर निरीक्षण के बाद कई महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे।
- आईजी ने प्रेसवार्ता में दो आरोपियों के नाम तक गलत बता दिए थे, इस पर बड़ा हल्ला भी मचा था।