बवाना टीचर हत्याः 29 अक्तूबर से पहले भी हुई थी सुनीता को मारने की कोशिश, समोसे ने बचाई जान
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यही वजह है कि जब अपनी जिंदगी में किसी फैसले पर पहुंचने की बात आई तो उसने यह पूरी तरह से सुनिश्चित किया कि इसकी कहानी भी किसी क्राइम थ्रिलर से कम न हो। बस एक चीज थी जो उसके नियंत्रण में नहीं थी और उसी चीज ने सारा खेल बिगाड़ दिया और वो था उसके खेल का क्लाइमेक्स जिसने उसे जेल पहुंचा दिया।
अपने शादीशुदा प्रेमी मंजीत से शादी करने के लिए उसने मंजीत की पत्नी के कत्ल का प्लान बनाया और उसमें अपने मुंहबोले पिता और ड्राइवर दीपक को भी शामिल कर लिया। यूपी के दो शार्पशूटरों को इसके लिए 10 लाख की सुपारी दी गई। फिर 29 अक्तूबर की सुबह मंजीत की पत्नी सुनीता को तीन गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। लेकिन इससे पहले भी उसे मारने की कोशिश की गई थी।
आपको जानकर हैरानी होगी कि सुनीता को मारने की कोशिश 29 अक्तूबर से पहले भी हुई थी लेकिन हत्यारे पहली बार नाकाम रहे थे। इसकी वजह थे समोसे। दरअसल 23 अक्तूबर को शार्प शूटरों को 50 हजार के रूप में पहली किश्त दी गई थी।
शार्प शूटर से सौदा तय करने वाला ड्राइवर दीपक गिरफ्तार
करवा चौथ से पहले ही हत्यारे सुनीता को मौत के घाट उतार देते लेकिन उस दिन वह चूक गए क्योंकि वह समोसे खाने में मशगूल हो गए थे और सुनीता उनकी नजरों से ओझल हो गई। इसके बाद 29 को उन्होंने वारदात को अंजाम दे ही दिया, जिसके बाद उन्हें दो लाख रुपए दिए गए।
शार्प शूटर से सौदा तय करने वाला ड्राइवर दीपक गिरफ्तार
बवाना में शिक्षिका सुनीता की हत्या के मामले में पुलिस ने चौथी गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक के रूप में हुई है। दीपक अभिनेत्री, एंजिल गुप्ता के मुंहबोले पिता का ड्राइवर है। सुनीता के पति से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद पुलिस ने एंजिल के मुंहबोले पिता राजीव को गिरफ्तार कर लिया। जांच में एंजिल के भी साजिश में शामिल होने की बात सामने आने पर पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। दीपक, मंजीत की भी गाड़ी चलाता था।
इनसे पूछताछ में पता चला कि सुनीता की हत्या शार्प शूटरों ने की है। शार्प शूटर से सौदा करने का काम राजीव के ड्राइवर दीपक ने किया। उसकी दो शार्प शूटरों से 18 लाख रुपये में हत्या करने की बात हुई, लेकिन मंजीत और राजीव से बात करने के बाद सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ। शार्प शूटरों को पौने तीन लाख रुपये दिए गए। बाकी रकम काम होने के बाद देने का वादा किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दीपक की निशानदेही पर शार्प शूटरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। लेकिन घटना के खुलासे के बाद दोनों शार्प शूटर लगातार अपना ठिकाना बदल रहे हैं।
एंजिल के साथ काफी दिनों तक मुंबई में रहा मंजीत
इसमें इनकी मदद एंजिल के मुंहबोले पिता राजीव ने की। राजीव का प्रॉपर्टी और अन्य कारोबार है। राजीव मुंबई में इनके फ्लैट का 50 हजार रुपये किराया देता था। साथ रहने के दौरान मंजीत को एंजिल से प्यार हो गया। एंजिल और मंजीत शादी करना चाहते थे। लेकिन इन दोनों के बीच नजदीकी की बात मंजीत की पत्नी सुनीता को पता चल गई।
वह इसके काफी खिलाफ थी और मंजीत को एंजिल से दूर रहने के लिए कहती थी। जिसकी वजह से दंपती के बीच मनमुटाव रहने लगा। सुनीता अपनी डायरी में सारी बातें लिखती थी। सुनीता के बढ़ते दबाव के बाद एंजिल गुप्ता और मंजीत ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
एंजिल ने इस बात से अपने मुंहबोले पिता को अवगत कराया। अपनी बेटी के लिए अच्छा जीवनसाथी मिलने की चाह में राजीव भी तैयार हो गया और उसने अपने ड्राइवर दीपक के मार्फत शार्प शूटरों से सुनीता की हत्या करने की साजिश रच डाली।
खुद को लंदन की पैदाइश बताती थी एंजिल
जांच में पता चला कि एंजिल गुप्ता की मां मेरठ यूपी की रहने वाली है। वह दिल्ली के सीपीडब्ल्यूडी में काम करती हैं। एंजिल के पिता का काफी समय पहले देहांत हो चुका है। उसकी मां को आरके पुरम में मकान मिला हुआ है।
काम के सिलसिले में एंजिल की मां की मुलाकात राजीव से हुई थी। राजीव उसके बाद एंजिल के परिवार की देखभाल करने लगा। देखने में अच्छी होने की वजह से एंजिल मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती थी। इसलिए वह मुंबई चली गई।
मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में उसे काम मिले, इसके लिए वह खुद को लंदन की पैदाइश बताती थी। इसी तरह से टूटी-फूटी हिंदी बोलती थी। उसको फिल्मों में बोल्ड सीन देने से परहेज नहीं था। इसकी वजह से उसे फिल्मों में काम मिलने लगा।