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अनंगपुर जमीन घोटाले की दोबारा होगी पैमाइश
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:25 AM IST
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अनंगपुर गांव में कथित जमीन घोटाले के मामले में अब दोबारा जमीन की पैमाइश की जाएगी। साथ ही इस मामले में शामिल रहे अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अभी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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जानकारी के अनुसार अनंगपुर जनहित विकास संघर्ष समिति के प्रधान रिषीपाल भड़ाना ने पिछले दिनों सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराते हुए गांव की बेशकीमती जमीन का घोटाला होने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि वर्ष 2005 में गांव में चकबंदी हुई थी।
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यहां पर तैनात रहे सहायक चकबंदी अधिकारी बलबीर, रोशनलाल, पटवारी राजूदीन, गिरदावर सतवीर आदि ने मिलीभगत करके करीब 400 बीघे जमीन का घोटाला करते हुए वर्ष 2012-13 तक अपने चहेतों और भूमाफियाओं के नाम जमाबंदी कर दी। जिन किसानों की जमीन पहले एक ही स्थान पर थी उस जमीन का टुकड़ा-टुकड़ा कर दूसरे स्थान पर दे दिया।
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इससे गांव के करीब 18 फीसदी ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। करतार सिंह, प्रमोद कुमार आदि का कहना है कि उक्त अधिकारियों ने जमीनदारों की जमीन पहाड़ों में चढ़ाकर उसे बड़े-बड़े लोगों को आवंटित कर दिया। उनका यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने जमाबंदी के दौरान गांव में न तो जोहड़ के लिए जमीन छोड़ी और न ही तालाब और शमशानघाट के लिए।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने भूमाफियाओां से मिलीभगत करके पुराने जोहड़,और पंचायत तक की जमीन दूसरों को अलॉट कर दिया। सीएम विंडो पर शिकायत होने के बाद मंगलवार को गुडग़ांव मंडलायुक्त डी सुरेश गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली।
ग्रामीणों का पक्ष जानने के बाद उन्होंने कहा कि इस घोटाले की तह तक जाएंगे और जमीन की दोबारा पैमाइश कराई जाएगी। डी कुमार ने कहा कि रिकार्ड में जितनी जमीन अतिरिक्त पाई जाएगी उसे जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने इस मामले में शामिल रहे अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के संकेत दिए।
इस मामले में जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र सिंह फागना से बात की गई लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंनकार कर दिया। ऐसे में साफ है कि इस मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। गांव के सरपंच अजयपाल ने भी राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गांव की जमीन का घोटाला करने का आरोप लगाया।