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एक लाख का इनामी अमित उर्फ सद्दाम गिरफ्तार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 05 Jul 2014 01:20 AM IST
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एक लाख रुपये के इनामी शार्प शूटर अमित उर्फ सद्दाम (26) को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि अमित के सीने में 12 बोर की गोली लगी थी, वह बागपत से दिल्ली के अस्पताल में इलाज कराने जा रहा था।
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क्राइम ब्रांच और इंदिरापुरम पुलिस ने उसे भोपुरा के पास से मुखबिर की सूचना पर मुठभेड़ के बाद दबोचा। उसकेपास से कार, प्रतिबंधित बोर का नाइन एमएम पिस्टल और 10 कारतूस मिले हैं। उसे यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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उस पर हत्या और लूट के 36 मुकदमे हैं। करीब दस माह पहले बागपत में उसने पुलिस कस्टडी में दो गवाहों की हत्या कर दी थी। उस पर दो लाख रुपये इनाम की संस्तुति कर शासन को भेजा जा चुका था।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अमित बागपत के थाना दोघट के गांव गांगनौली का रहने वाला है। एसटीएफ और प्रदेशभर की पुलिस को उसकी तलाश थी। इंदिरापुरम इंस्पेक्टर राशिद अली को सुबह सूचना मिली कि अमित घायल है, उसे कार में दिल्ली ले जाया जा रहा है।
उन्होंने पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच प्रभारी राजेश द्विवेदी को भी टीम के साथ मौके पर भेजा। अमित को उसके साथी कार में लेकर जा रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी की।
भोपुरा के पास पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो मरीज बताकर कार लेकर भागने लगे। मुठभेड़में तीन साथी फायरिंग कर चकमा देकर भाग गए, जबकि अमित को दबोच लिया गया।
अमित को लोग कहते थे गांगनौली गांव का गब्बर
अमित एक के बाद एक खून करके वह दहशत फैलाता जा रहा था। उसके खौफ के चलते ही गांगनौली के लोगों ने उसे पहले सद्दाम नाम दिया, लेकिन पिछले साल से उसकी तुलना शोले के गब्बर सिंह से की जाने लगी थी।
उसने मेरठ जेल में बंद बागपत के रमाला थाने के एक हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे से रंगदारी मांगी। हाल ही में जब पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मेरठ जेल के मुआयने पर गए, तब हिस्ट्रीशीटर ने ही धमकी की बात बताई।
पुलिस अधिकारी बताते हैं कि अमित एक सिरफिरे किस्म का बदमाश है। वह खौफ फैलाने के लिए खून करता है। नाम कमाने के लिए बदमाशों से दुश्मनी की।
50 हजार का इनामी प्रमोद भी था साथ!
सूत्रों का कहना है कि भोपुरा में पुलिस को चकमा देकर भागने वालों में अमित का दाहिना हाथ प्रमोद भी था। उस पर 50 हजार का इनाम है। एक लाख की संस्तुति हो चुकी है। प्रमोद के पीछे भी पुलिस बुरी तरह से पड़ गई है। उसकी लोकेशन देहरादून की मिली है।
पुलिसवालों ने दिया खून
एसएसपी ने यशोदा में भर्ती अमित को पुलिसवालों ने खून दिया है । उसके छर्रे निकाल दिए गए हैं। हालत में सुधार है। पुलिस के दावा है कि अमित को गोली उसने नहीं मारी। उसे बागपत या कहीं अन्य जगह गोली लगी है। एसएसपी का कहना है कि वह बेहोश है, होश में आने पर खुद बताएगा।
गिरोह थ्री नाट थ्री, कार्बाइन जैसे हथियार इस्तेमाल करता था। गिरोह खेतों में रहता था। खास बात ये है कि अमित मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। अब सवाल ये है कि फिर उसे गोली किसने मारी।