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छात्राओं के भारी बवाल के बाद दर्ज हुआ प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मुकद्दमा

Sun, 01 May 2016 02:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sun, 01 May 2016 02:52 AM IST
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after students protest registered sexual harassment case against Professor
प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) की बीटेक छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद शनिवार को पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े छात्रों ने शनिवार शाम कैंपस पहुंचे पीड़ित छात्रा के परिजनों की मौजूदगी में खूब हंगामा किया।

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कार्रवाई न होता देख छात्राओं ने हॉस्टल का गेट तोड़ दिया। यूनिवर्सिटी ने छात्रा के आरोपों के मामले में दो जांच कमेटी गठित कर दी है। बिहार के पटना निवासी एक छात्रा जीबीयू में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा है।
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छात्रा की उपस्थिति कम होने के कारण यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और एचओडी रूपेंद्र पचौरी ने शुक्रवार को छात्रा को ऑफिस में बुलाया था। आरोप है कि प्रोफेसर ने छात्रा को परीक्षा में बैठाने का आश्वासन दिया और उसका हाथ पकड़कर कपड़े उतारने का प्रयास किया।

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प्रोफेसर के चंगुल से छूटकर भाग निकली थी छात्रा

after students protest registered sexual harassment case against Professor
यौन उत्पीड़न

छात्रा किसी तरह प्रोफेसर के चंगुल से छूटकर भाग निकली थी। इस बात की जानकारी अन्य साथियों को मिली तो छात्र-छात्राओं ने जमकर बवाल किया। दिन में डीन से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार देर शाम को फिर से छात्र-छात्राओं ने हंगामा किया।

हालांकि देर रात को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने छात्रा की शिकायत लेकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया तो मामला शांत हो गया था। शनिवार को फिर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र-छात्राओं ने हंगामा और प्रदर्शन कर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

शिकायत की एक कॉपी शुक्रवार को ही पुलिस को दे दी गई थी। शनिवार शाम तक पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी, जब छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शुरू हुआ तो थानाध्यक्ष ने आला अफसरों से बात की जिसके चलते आनन-फानन में 20 मिनट में रिपोर्ट दर्ज कर छात्र-छात्राओं को शांत करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राएं आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे और देर रात तक प्रदर्शन जारी था।

छात्राओं ने तोड़ डाला गेट

after students protest registered sexual harassment case against Professor

दोपहर बाद जब छात्राओं को पता चला कि उसकी सहपाठी के माता-पिता को डराया धमकाया जा रहा है और पीड़ित छात्रा को यूनिवर्सिटी से निकालने की धमकी दी जा रही है, इस बात को लेकर छात्राओं में गुस्सा भर गया। उन्होंने हॉस्टल के अंदर ही प्रदर्शन शुरू किया। प्रशासन के निर्देश पर छात्राओं को हॉस्टल से बाहर नहीं आने दिया जा रहा था। छात्राओं ने गुस्से में हॉस्टल के मुख्य गेट को ही तोड़ दिया।

कुलपति जेपी शर्मा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा सेक्सुअल हरासमेंट कमेटी अलग से जांच कर रही है। दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर दोषी पाया जाता है तो यूनिवर्सिटी प्रशासन  कार्रवाई करेगा। दोनों जांच कमेटियों में महिला प्रोफेसरों को शामिल किया है। सभी के बयान के आधार पर ही इस मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

छात्रा की तहरीर शुक्रवार देर रात मिली थी। इसके बाद मामले में जांच की और प्रथम दृष्टया प्रोफेसर को दोषी मानते हुए छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। छात्रा यदि 18 साल से कम उम्र की हुई तो प्रोफेसर पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
थानाध्यक्ष शाहनजर, इकोटेक-वन

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