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लिफ्ट में 17 मिनट तक फंसे रहे पिता-पुत्री, पत्नी से  बाउंसर ने की अभद्रता

Mon, 01 Aug 2016 02:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 01 Aug 2016 02:28 AM IST
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17 minutes in the elevator were stranded father-daughter, the wife of the indecency bouncer
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र

शहर की सिल्वर सिटी सोसाइटी की एक लिफ्ट खराब हो जाने पर पिता-पुत्री 17 मिनट तक फंसे रहे। हद तो तब हो गई जब जानकारी मिलने पर लिफ्ट के सामने पहुंची पत्नी परेशान हुई तो वहां पर आए बाउंसर ने पत्नी के साथ अभद्रता की। 

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परिजनों ने जब मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की तो सूरजपुर पुलिस हरकत में आई और बाउंसर को मौके पर दबोच लिया। एमिटी यूनिवर्सिटी में निदेशक एके श्रीवास्तव ईटा-1 स्थित सिल्वर सिटी सोसाइटी के एक ब्लॉक की आठवीं मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। 
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उन्होंने बताया कि उनका बेटा और ढाई वर्ष की पोती रविवार सुबह 11 बजे लिफ्ट से आ रहे थे। अचानक लिफ्ट खराब होने से पिता-पुत्री उसमें फंस गए। 

जब तीन से चार मिनट हो गए और लिफ्ट के अंदर बच्ची रोने लगी तो उनके बेटे ने अपनी पत्नी को फोन कर मदद करने के लिए कहा। पत्नी मौके पर पहुंची तो देखा कि गार्ड के पास लिफ्ट की चाभी भी नहीं थी। 
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पत्नी ने जब आरडब्ल्यूए से शिकायत की तो आरडब्ल्यूए द्वारा रखा गया बाउंसर राहुल आ गया। आरोप है कि उसने लिफ्ट की समस्या को आम बात बताते हुए महिला के साथ अभद्रता की। 

लिफ्ट दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच में फंसी थी, इस दौरान किसी तरह से गार्ड ने तीसरी मंजिल पर लिफ्ट का दरवाजा खोला तब बड़ी  मुश्किल से जान जोखिम में डालकर उनकी पोती और बेटा लिफ्ट से 17 मिनट बाद निकल सके।

मौके पर पहुंचे एके श्रीवास्तव ने100 नंबर में कॉल की। काफी देर तक पुलिस के न पहुंचने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक को फोन किया तब मौके पर पुलिस पहुंची और बाउंसर को पकड़कर ले गई। 


उनका आरोप है कि सोसाइटी परिसर में आरडब्ल्यूए ने दो बाउंसर को रखा है, जबकि यहां बाउंसर्स का कोई काम नहीं है। उन्होंने इसके लिए आरडब्ल्यूए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। 

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