मोबाइल फेंकने पर हुआ खूनी संघर्ष बना सुनपेड़ अग्निकांड की वजह
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जिस मोबाइल के झगड़े ने सुनपेड़ गांव में दो परिवारों को तबाह कर दिया उसे नाली में पीड़ित जितेंद्र के चचेरे भाई जगमाल ने फेका था। ये हम नहीं बल्कि पुलिस की दर्ज एफआईआर में इस बात का जिक्र किया गया है।
जगमाल को ही ट्रिपल मर्डर में मुख्य आरोपी बताया गया है। वह एक साल से जेल में बंद है। दोनों पक्षों की ओर से इस झगड़े को खत्म करने की सुलह-समझौते की कोई कोशिश भी नहीं की गई।
ज्ञात हो कि 6 अक्तूबर 2014 को जितेंद्र के परिवारवालों और सवर्णों के बीच मोबाइल फोन को लेकर विवाद हो गया था।
कभी नहीं हुई सुलह की कोशिश
विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। जिसमें सवर्णों के पप्पू उर्फ मोहनलाल, पप्पी उर्फ इंद्राज और बालू उर्फ भरतपाल की मौत हो गई।
बल्लभगढ़ के सदर थाने में सवर्ण देशराज की ओर से लिखवाई गई एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि सरपंच रहे जगमाल ने ही उनके भतीजे जोगिंद्र का मोबाइल फोन लेकर नाली में फेका था। भतीजे के विरोध करने पर जगमाल बदतमीजी से पेश आते हुए मारपीट करना शुरू कर दिया था।
पूर्व सरपंच बिजेंदर सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से कभी सुलह-समझौते की कोशिश नहीं की गई। फिलहाल ट्रिपल मर्डर में मुख्य आरोपी जगमाल एक साल से नीकमा जेल में बंद हैं।