कोरोना काल में बढ़ा चिड़ियाघर का क्रेज, मिली राष्ट्रीय पहचान
- ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के लिए देशभर से आए आवेदन
- वन्यजीवों के प्रति विद्यार्थियों ने पोस्टर पर उकेरी भावनाएं
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कोरोना काल ने काफी कुछ बदल दिया है। इंसान ही नहीं, वन्यजीव भी कहीं न कहीं इससे प्रभावित हुए हैं। हालांकि, दिल्ली चिड़ियाघर के लिए यह काल सुखद अनुभूति लेकर आया है। वजह है, यहां रहने वाले वन्यजीवों के प्रति देशभर के विद्यार्थियों का प्यार उमड़ पड़ा है। दिल्ली-एनसीआर तक सिमटे चिड़ियाघर को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। रू-ब-रू न सही, वर्चुअल माध्यम से ही छात्रों ने वन्यजीवों के प्रति प्रेम की पराकाष्ठा दिखाई है। जू प्रशासन की ओर से कराई जाने वाली प्रतियोगिता के लिए इस बार पूरे देश से आवेदन आए हैं, जिससे प्रशासन भी गदगद है।
दरअसल, चिड़ियाघर में समय-समय पर वन्यजीवों को लेकर प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। इसमें स्कूल-कॉलेज के छात्रों को आमंत्रित कर चिड़ियाघर को लेकर उनके विचारों को समझने के लिए कला प्रतियोगिता भी की जाती हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब प्रतियोगिता में शिरकत करने के लिए देशभर से आवेदन आए हैं।
दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक रमेश कुमार पांडेय बताते हैं कि कोरोना काल से पहले प्रतियोगिता में केवल दिल्ली-एनसीआर के स्कूल-कॉलेज के बच्चे ही प्रतिभागी होते थे। इस बार महामारी की वजह से ज्यादातर काम ऑनलाइन हो गया है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर चिड़ियाघर का कद बढ़ा है। क्योंकि, अब ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में देशभर के बच्चे रुचि ले रहे हैं।
ज्यादातर इन राज्यों से आए आवेदन
निदेशक ने बताया कि गत सप्ताह हुए गैंडा दिवस को लेकर भी पूरे देश से विद्यार्थियों के आवेदन आए थे। विशेषकर, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश और केरल आदि राज्यों से ज्यादा आवेदन भेजे गए। उन्होंने बताया कि फिलहाल देश में कुल 152 चिड़ियाघर हैं। इसको देखते हुए दिल्ली चिड़ियाघर की राष्ट्रीय पटल पर एक अलग पहचान बन रही है। इससे चिड़ियाघर प्रशासन को भी प्रोत्साहन मिलता है।
विजेताओं को करते हैं पुरस्कृत
ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अधिक से अधिक छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली चिड़ियाघर की ओर से नकद राशि का भी प्रावधान किया गया है। इसमें एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक की राशि तय की गई है। ऑनलाइन प्रतियोगिता में जो छात्र उत्कृष्ट कलाकृति बनाते हैं उन्हें उनके पते पर यह राशि भेजी जाती है। साथ ही, प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाता है।
वाइल्ड लाइफ वीक शुरू, देशभर से आवेदन की उम्मीद
दो अक्तूबर से दिल्ली चिड़ियाघर में शुरू हुए वाइल्ड लाइफ वीक को लेकर उम्मीद है कि देशभर से आवेदन आएंगे। इसके लिए दो भागों में ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। इसमें कला प्रतियोगिता से लेकर निबंध लेखन तक शामिल है। कला प्रतियोगिता में कक्षा एक से 12वीं तक के छात्रों को पसंदीदा वन्यजीव, जंगल, पसंदीदा पक्षी और हाथी व उनकी आदतों के बारे में कलाकृति बनानी है। निबंध लेखन में कक्षा एक से आठवीं तक चिड़ियाघर की पहली सैर और कक्षा 9 से 12वीं तक वन्यजीवों के संरक्षण में चिड़ियाघर का महत्व विषय पर निबंध लिखना है। कॉलेज के छात्र वन्यजीवों पर पोस्टर मेकिंग और फोटोग्राफी में हिस्सा ले सकते हैं। यह आयोजन आठ अक्तूबर तक चलेगा।