फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   CPCB to monitor air pollution every hour

वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सीपीसीबी करेगा हर घंटे निगरानी

Thu, 15 Oct 2020 03:27 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Thu, 15 Oct 2020 03:27 PM IST
सार

  • - राज्यों को मुहैया कराया जाएगा का डेटा और करनी होगी त्वरित कार्रवाई

विज्ञापन
CPCB to monitor air pollution every hour
धुंध की चादर से ढका रहा शहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तमाम कवायद के बाद भी बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बृहस्पतिवार से वाले चार महीनों तक वायु प्रदूषण की कड़ी निगरानी करने का फैसला किया है। इसके तहत राज्यों के वायु प्रदूषण पर सीपीसीबी मुख्यालय स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष हर घंटे के हिसाब से प्रदूषण के स्तर पर निगरानी करेगा।  

विज्ञापन


इसके लिए राज्यों के बोर्ड और नियंत्रण एजेंसियां समग्र समंवय के साथ काम करेंगी। इतना ही नहीं 15 अक्टूबर से अगले साल 28 फरवरी तक सीपीसीबी की 50 टीमें सघन निगरानी करेंगी। यह टीमें दिल्ली ही नहीं पड़ोसी राज्यों के कस्बों, जिलों तक में प्रदूषण फैलाने वालों की निगरानी करेंगी और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


वायु प्रदूषण निगरानी प्रणाली का प्रबंधन बेहतर ढंग से हो इसके लिए इन टीमों के साथ स्थानीय स्तर पर समंवय के लिए जिलेवार नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा एनसीआर में खराब होती आबोहवा को देखते हुए बृहस्पतिवार से पर्यावरण मंत्रालय ने वायु गुणवत्ता की बेहतरी के लिए केंद्र के स्तर पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-सीपीसीबी को चौकस कर दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संदर्भ में जारी एक बयान के माध्यम से कहा गया है कि 50 टीमें उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ राजस्थान, के भिवाड़ी, अलवर और भरतपुर, हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, झज्जर, पानीपत, सोनीपत और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 24 घंटे सातों दिन सक्त्रिस्य रहेंगी।  इनके जिम्मे प्रदूषण के लिहाज से संवेदनशील इलाके जिसमें औद्योगिक इकाइयां, कृषि क्षेत्र, डंपिग ग्राउंड और ऐसे इलाके हैं जहां बड़े पैमान पर निर्माण और विध्वंसक कार्रवाइयों को अंजाम दिया जा रहा है।

इसके अलावा वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत सड़कों के किनारे, फुटपाथ, वाहनों की आवाजाही, खुले भूखंड, कचरा और कचरा एकत्र करने वाले स्थानों की निगरानी के लिए समीर एप का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर राज्यों के साथ आधुनिक तकनीकों की मदद से स्वचलित प्रणाली के माध्यम से सांझा की जाएगी।  


त्वरित निस्तारण के लिए ब्यौरे राज्य सरकारों के नियमित रुप से सांझा किए जाएंगे। जिससे वह संबंधित एजेंसियों की मदद से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए उचित समय से निगरानी और कार्रवाई कर सकें। सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में एक प्रमुख पर्यावरणीय चिंता है। इस क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए पिछले पांच वर्षों से विभिन्न प्रयास किए जा रहे
हैं। हालांकि हवा की गुणवत्ता में साल दर साल सुधार देखा गया है, लेकिन बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed