संक्रमित डिलीवरी ब्वॉय को ग्राहकों ने किया फोन, बोले- "हिम्मत रखो, जरूरत हो तो बेझिझक कॉल करना"
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दक्षिणी दिल्ली में पिज्जा डिलीवरी करने वाला युवक जिसे पिछले दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, उसे क्वारंटीन हुए आठ दिन बीत चुके हैं। उसने बताया कि इन आठ दिनों में उसके पास ग्राहकों के करीब 15 कॉल आ चुके हैं।
कॉल करने वाले लगभग हर ग्राहक ने उससे बहुत ही अच्छे से बात की। युवक ने बताया कि कुछ ग्राहकों ने मुझे साहस के साथ कोरोना से लड़ने को कहा, वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अगर कुछ मदद चाहिए हो तो वह उन्हें बेझिझक फोन करे।
19 वर्षीय युवक ने बताया कि ग्राहकों को उसका फोन नंबर बिलों से मिला था। उसने बताया कि कॉल करने वाले ग्राहकों में से केवल एक ही था जिसने रूखे अंदाज में उससे बात की और कोरोना संक्रमण की बात छिपाने का आरोप लगाया।
उसने बताया कि पहले तो उसे इस बात का बहुत अफसोस हो रहा था कि उसकी वजह से कई और लोगों में भी संक्रमण फैल गया। लेकन सोमवार दोपहर जब उसे पता चला कि उसके संपर्क में आने वाले 17 सहकर्मी जिन्हें संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा था, वे सभी सुरक्षित हैं, तो उसे बड़ी राहत महसूस हुई।
उसने बताया कि 72 घरों के लोग जिनके संपर्क में वह आया था, उनमें भी किसी तरह के लक्षण नहीं मिलने की खबर से उसे खुशी हुई। उसने बताया कि 20-25 मार्च के बीच डिलीवरी के लिए जाते वक्त वह बारिश में भीग गया था। इसके बाद उसे सर्दी-जुकाम हो गया। निजी अस्पताल में चेकअप करवाने पर डॉक्टर ने उसे दवाइयां दीं, लेकिन जब तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उसने सफदरजंग अस्पताल जाने का फैसला लिया।
सफदरजंग में भी उसकी कोरोना जांच नहीं की गई। कुछ ही दिनों में उसे तेज बुखार हो गया। तबीयत और बिगड़ने पर वह दो अप्रैल को दोबारा सफदरजंग अस्पताल गया। लेकिन 10 अप्रैल को तीसरी बार अस्पताल जाने पर उसने डॉक्टरों को खुलकर बताया कि उसका सर्दी-जुकाम और बुखार बहुत अधिक बढ़ गया है।
इसपर उसे कोरोना जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाने को कहा गया। उसे पहले दिलशाद गार्डेन स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मंडावली में क्वारंटीन कर दिया गया है।
युवक ने बताया कि उसे अभी भी खांसी होती है, लेकिन पहले से बेहतर है। उसने बताया कि ठीक होने के बाद वह अपने परिवार के पास वापस गांव जाना चाहता है।