अनाथालय में लड़को के सामने नग्न हालत में लड़कियां दिखने पर कोर्ट विचलित
नजफगढ़ में अनाथ बच्चों की दयनीय हालत और बच्चियों को अद्घनग्न व नग्न हालत के फोटो देखकर हाईकोर्ट न्यायमूर्ति विचलित हो गए। उन्होंने कहा कि बच्चियां जिस हालत में लड़कों के सामने इस हालत में रखी गई है इससे उनका यौन शोषण के आरोप को नकारा नहीं जा सकता।
अदालत ने तुंरत प्रभाव से इन सभी बच्चों को दिल्ली सरकार के किसी भी अनाथालय में स्थानांतरित करने का आदेश जारी कर दिया। इतना ही नहीं अदालत ने क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त को यौन शोषण व आपराधिक गतिविधियों की जांच कर उचित कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
मामला नजफगढ़ स्थित प्रेम धाम आश्रम द्वारा संचालित हुमन केयर इंटरनेशनल का है। हालही में महिला एवं बाल विकास विभाग ने उक्त आश्रम को नोटिस जारी कर सभी बच्चों को निर्मल छाया व किसी अन्य स्वीट होम के सुर्पुद करने का निर्देश दिया था।
आश्रम के संचालक क्रिस्टोफर भट्टी ने इस फैसले को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी, लेकिन मामला उलटा पड़ गया। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव के समक्ष याची ने कहा कि वह अच्छे तरीके से बच्चों की देखभाल कर रहा है और बच्चे भी वहां से जाना नहीं चाहते।
'दयनीय हालत में पाए गए बच्चे'
इतना ही नहीं यदि मध्य सत्र में बच्चों को वहां से हटाया गया तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। उधर विभाग की और से पेश प्रभक्ष्य कौर ने जो तथ्य पेश किए उससे अदालत विचलित हो गई।
अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष फोटो पेश करते हुए बताया कि शिकायत पर अधिकारियों ने 19 जुलाई को आश्रम का निरीक्षण किया। बच्चों को दयनीय हालत में पाया गया। लड़को-लड़कियों, वृद्घ व विकलांगों को एक साथ रखा गया है।
इतना ही लड़कियों को नग्न व अद्घनग्न हालत में रखा गया है और उनके साथ लड़के भी है। इसके अलावा अधिकांश को कपड़े पहनने के लिए नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि यौन शोषण का भी आरोप है। इसी कारण विभाग ने ऐसा निर्णय लिया है।
अदालत ने फोटो देखने के बाद कहा कि यह गंभीर और विचलित करने का मामला है। अदालत ने आदेश दिया कि तुंरत प्रभाव से उक्त आश्रम के बच्चों को दिल्ली सरकार के निर्मल छाया या किसी अन्य आश्रम में स्थानांतरित किया जाए।
इतना ही नहीं अदालत ने क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त को निर्देश दिया कि वे आश्रम में यौन शोषण के आरोप की जांच करवाएं और 15 सिंतबर तक कार्रवाई रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करें। आश्रम में करीब 60 से 70 बच्चें बताएं जा रहे है।