हाइकोर्ट ने दी चेतावनी धार्मिक स्थलों पर नहीं हो हमले
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हाईकोर्ट ने राजधानी में धार्मिक स्थलों पर हमलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए दायर याचिका को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया। न्यायमूर्ति सिद्घार्थ मृदुल ने कहा चर्च ही क्यों, किसी भी धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के हमले नहीं होने चाहिए।
यहां मंदिर, गुरुद्वारा व मस्जिद भी हैं। अदालत ने कहा आंदोलन के दौरान किसी भी धार्मिक स्थलों पर हमले नहीं होने चाहिए। देश को जीवित रखना चाहते हैं तो सभी को आपसी सद्भाव जारी रखना होगा। यह काफी महत्वपूर्ण मुद्दा है, अत: इस पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई होनी चाहिए।
उन्होंने याचिका मुख्य न्यायाधीश के पास भेजकर 29 अप्रैल को सुनने का आग्रह किया है। इससे पूर्व केंद्र सरकार के अधिवक्ता अनिल सोनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सांप्रदायिक याचिका है। याची ने मात्र चर्च का ही मामला क्यों उठाया।
हमले मंदिर, गुरुद्वारों व मस्जिदों पर भी हुए हैं। कोई भी उनके बारे में नहीं कहता। याचिकाकर्ता को सभी धर्मो के संबंध में बात करनी चाहिए थी। बता दें कि अधिवक्ता रीगन एस बेल ने दिल्ली में चर्चों पर हाल के हमलों व ईसाईयों के धार्मिक अधिकारों को लेकर याचिका दायर की है।
उन्होंने हमलों पर निगरानी, एसआईटी जांच व सुरक्षा की मांग की। याचिका में कहा गया है कि दिसंबर से अब तक पांच चर्च पर हमले हो चुके हैं। लेकिन, एक को छोड़कर अन्य मामलों को सुलझाया नहीं जा सका है। ऐसे में अदालत सरकार को सुरक्षा प्रदान करने के अलावा तोड़ी गई चर्च को मूल रूप में लाने का निर्देश दे।