Delhi: महिला पहलवान यौन शोषण मामला, अदालत ने पहलवान बजरंग पुनिया को आपराधिक मानहानि शिकायत में भेजा समन
अदालत ने कहा शिकायत, सहायक दस्तावेजों और सम्मन-पूर्व साक्ष्यों पर विचार करने पर मेरा प्रथम दृष्टया विचार है कि मानहानि के सभी तत्व बनते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया बयान दुर्भावनापूर्ण इरादे का परिणाम था और अच्छे विश्वास से नहीं बनाया गया था।
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अदालत ने गुरुवार को पहलवान बजरंग पुनिया को कुश्ती कोच नरेश दहिया द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि शिकायत में छह सितंबर को तलब किया है। अदालत ने कहा प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ मानहानि मामले में समन जारी करने का आधार है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट यशदीप चहल ने कहा प्रथम दृष्टया मानहानि के सभी तत्व सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सम्मन के चरण में यह काफी हद तक तय हो गया है कि अदालत को आरोपी द्वारा किए जा सकने वाले संभावित बचाव के तुलनात्मक विश्लेषण में जाने की आवश्यकता नहीं है।
अदालत ने कहा शिकायत, सहायक दस्तावेजों और सम्मन-पूर्व साक्ष्यों पर विचार करने पर मेरा प्रथम दृष्टया विचार है कि मानहानि के सभी तत्व बनते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया बयान दुर्भावनापूर्ण इरादे का परिणाम था और अच्छे विश्वास से नहीं बनाया गया था।
अदालत ने कहा इसे ध्यान में रखते हुए आरोपी बजरंग पुनिया को आईपीसी की धारा 499 के साथ धारा 500 (दोनों आपराधिक मानहानि से संबंधित) के साथ दंडनीय अपराध के लिए बुलाया जाए।शिकायत में दावा किया गया है कि पुनिया ने अन्य पहलवानों/व्यक्तियों के साथ मिलकर 10 मई को जंतर-मंतर पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान मुखिया और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा कुछ महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दहिया के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।