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रिटायर्ड कर्नल मारपीट मामाला: जानलेवा हमले की धारा पर पुलिस को कोर्ट की फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:23 PM IST
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रिटायर्ड कर्नल से मारपीट के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह से मारपीट मामले में कोर्ट में पेश किए गए एडीएम के गनर और नौकर को जमानत मिलने का अधिवक्ता राजकुमार नागर ने दावा किया है।
अधिवक्ता ने बताया कि एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पुलिस को जानलेवा हमले की धारा को लेकर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जो तहरीर लिखी गई है, उस पर आईपीसी की धारा 307 और 348 नहीं बनती।
इसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों धाराओं को केस से हटा दिया। इसके बाद अन्य धाराओं में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी, लेकिन जमानत के दस्तावेज न होने से दोनों को जेल भेजा गया है।
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हालांकि, सेक्टर-20 थाना प्रभारी मनोज पंत ने आरोपियों को जमानत मिलने से इंकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने न तो धारा हटाई है और न ही आरोपियों को जमानत दी है।
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अधिवक्ता ने बताया कि एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पुलिस को जानलेवा हमले की धारा को लेकर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जो तहरीर लिखी गई है, उस पर आईपीसी की धारा 307 और 348 नहीं बनती।
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इसके बाद इंस्पेक्टर ने दोनों धाराओं को केस से हटा दिया। इसके बाद अन्य धाराओं में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी, लेकिन जमानत के दस्तावेज न होने से दोनों को जेल भेजा गया है।
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हालांकि, सेक्टर-20 थाना प्रभारी मनोज पंत ने आरोपियों को जमानत मिलने से इंकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने न तो धारा हटाई है और न ही आरोपियों को जमानत दी है।
‘हाजी पीर तक की थी सर्जिकल स्ट्राइक’
जिला कारागार के जेलर सत्यप्रकाश ने बताया कि रविवार को रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह से उनकी बेटी व अन्य परिजनों ने मुलाकात की है। परिजनों ने जानकारी दी है कि 1965 की लड़ाई में वीरेंद्र की पाकिस्तान सीमा पर तैनाती थी।
उस दौरान वह स्पेशल कमांडो बटालियन के कैप्टन थे। उन्होंने अपनी बटालियन के साथ पाकिस्तान में 21 किमी घुसकर हाजी पीर जगह के पास तक पहुंचकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
उस दौरान वह स्पेशल कमांडो बटालियन के कैप्टन थे। उन्होंने अपनी बटालियन के साथ पाकिस्तान में 21 किमी घुसकर हाजी पीर जगह के पास तक पहुंचकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।