बेरहम निकला प्रेमी: जिसके खातिर पति और घर छोड़ा उसी ने ले ली जान, अदालत में उसकी बेटी के आगे दोषी की एक न चली
22 फरवरी 2017 की रात पिटाई का विरोध करने पर आरोपी ने महिला की गला दबाकर हत्या कर दी थी। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी को दोषी पाते हुए कोर्ट के आरोपपत्र दाखिल किया था।
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बोकारो निवासी महिला संजू देवी को प्रेम प्रसंग में फंसाकर ईकोटेक-तीन थाना क्षेत्र में लाकर हत्या करने वाले राजू उर्फ सद्दाम को जिला न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार मिश्रा ने 22 हजार रुपये जुर्माना भी जमा करने का आदेश दिया है। मामले में संजू की नाबालिग बेटी के बयान हत्यारे को सजा दिलाने में अहम रहे।
एडीजीसी अमित शर्मा ने बताया कि झारखंड के बोकारो निवासी संजू का पति से विवाद रहता था। बोकारो निवासी राजू ने महिला को प्रेमजाल में फंसा लिया और बहला-फुसलाकर ग्रेनो ले आया। आरोपी ईकोटेक-तीन थाना क्षेत्र के सुत्याना गांव में संजू और उसकी नाबालिग बेटी-बेटे को लेकर किराये पर रहने लगा। राजू ने संजू को अपनी पत्नी बताया था। वह अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था।
22 फरवरी 2017 की रात पिटाई का विरोध करने पर राजू ने संजू की गला दबाकर हत्या कर दी। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी को दोषी पाते हुए कोर्ट के आरोपपत्र दाखिल किया। चर्चा यह भी थी कि राजू ने नाम धर्म छिपाकर संजू को प्रेमजाल में फंसाया था, लेकिन एडीजीसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
नाबालिग बेटी के बयान के आगे नहीं चला आरोपी का झूठ
सुनवाई के दौरान सद्दाम ने कहा कि संजू से झगड़ा होने पर वह घर छोड़कर चला गया था। उसने हत्या नहीं की, उसे फंसाया गया है, लेकिन संजू की नाबालिग बेटी ने कोर्ट में बयान दिए कि सद्दाम अक्सर उसकी मां की पिटाई करता था। वारदात की रात भी उसने मां को पीटा और गला दबाकर हत्या कर दी। शोर मचाने पर वह जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।