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राजेंद्र नगर हादसा: आरोपियों को नहीं मिली जमानत, वकीलों ने दिए अपने-अपने तर्क; दो अगस्त को होगी अगली सुनवाई

Wed, 31 Jul 2024 10:22 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Wed, 31 Jul 2024 10:22 PM IST
सार

दिल्ली के राजेंद्र नगर में बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को कोर्ट ने पांचों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।
 

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Court refuses to grant bail to accused arrested in Rajendra Nagar accident
कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अदालत ने राजेंद्र नगर मामले में बुधवार को पांच आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। तीस हजारी कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने एसयूवी चालक मनुज कथूरिया और बेसमेंट के मालिक तेजिंदर सिंह, परविंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया।

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कथूरिया के वकील ने तर्क दिया कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है और उन्हें इस घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। कथूरिया पर अपनी एसयूवी को बारिश के पानी से भरी सड़क से निकालने का आरोप है। इससे पानी बढ़ गया और तीन मंजिला इमारत के गेट टूट गए और बेसमेंट में पानी भर गया।
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अतिरिक्त सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने कथूरिया की जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि उन्होंने घटना को और गंभीर बना दिया। इस बीच बेसमेंट मालिकों की ओर से अधिवक्ता अमित चड्ढा पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि घटना के लिए नागरिक एजेंसियां जिम्मेदार हैं और यह ईश्वरीय कृत्य है। अदालत ने दलीलों पर विचार करने के बाद सभी पांचों को जमानत देने से इनकार कर दिया।
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पुलिस और एमसीडी से रिपोर्ट मांगी, दो अगस्त को होगी सुनवाई
उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान एसयूवी चालक कथूरिया को गिरफ्तार करने पर दिल्ली पुलिस से सवाल किया और जांच को अजीब बताया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन ने पुलिस से सवाल किया कि एसयूवी चालक को तो पकड़ लिया, लेकिन क्या आपने उस व्यक्ति से पूछताछ की है जिसने गाद निकालने का काम नहीं किया? उच्च न्यायालय ने मामले में दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि वह दो अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा।

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