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Delhi: कथित पागलपन में छात्रा को बालकनी से फेंकने की आरोपी शिक्षिका को बरी करने से इनकार, जानें पूरा मामला
Wed, 25 Sep 2024 07:48 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 25 Sep 2024 07:48 AM IST
सार
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने शिक्षिका के कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उसकी मानसिक स्थिति के बारे में एक गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने जवाबदेही पर जोर देते हुए पूछा कि यदि वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है, तो उसे शिक्षिका के रूप में किसने नियुक्त किया?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने छात्रा को कथित पागलपन में बालकनी से फेंकने की आरोपी शिक्षिका को बरी करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा यह गंभीर मामला है और ऐसी शिक्षिका को नौकरी पर कैसे रखा गया।
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न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने शिक्षिका के कार्यों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उसकी मानसिक स्थिति के बारे में एक गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने जवाबदेही पर जोर देते हुए पूछा कि यदि वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है, तो उसे शिक्षिका के रूप में किसने नियुक्त किया? स्पष्टता प्रदान करने के लिए प्रिंसिपल को बुलाया जाना चाहिए।
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अदालत ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा यदि वह स्वस्थ नहीं थी, तो उसे तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था। आप बच्चों के जीवन को कैसे जोखिम में डाल सकते हैं? शिक्षिका के अधिवक्ता चिराग मुदगल ने तर्क दिया कि मामले के सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद ट्रायल कोर्ट ने धारा 328 के तहत उसे जमानत दे दी थी। इसके बाद मामले को दस्तावेजों की आपूर्ति और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 207 के अनुपालन के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। जवाब में दिल्ली पुलिस के वकील ने स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा जब लोग दरवाज़ा पीट रहे थे तो उसने दरवाज़ा बंद कर लिया, और उसने उस लड़की को फेंक दिया। अधिवक्ता चिराग मुद्गल ने तर्क दिया कि पागलपन का संकेत देने वाला कोई पिछला मेडिकल इतिहास नहीं था। वह यह समझने में असमर्थ है कि उस दिन क्या हुआ था।
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यह है मामला
आरोप है कि आरोपी गीता रानी देशवाल प्राथमिक विद्यालय की एक 26 वर्षीय शिक्षिका ने कथित तौर पर कक्षा पांच की छात्रा वंदना पर हमला किया। इस घटना में देशवाल ने लड़की के बाल काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया और बाद में कक्षा का दरवाजा बंद करने के बाद उसे पहली मंजिल की बालकनी से फेंक दिया। गवाहों ने बताया कि हमला तब हुआ जब वंदना कक्षा के दौरान अपने दोस्तों से बात कर रही थी।
घटना से पहले देशवाल ने छात्रों को अपनी स्टेशनरी तोड़ने का निर्देश दिया था, जिससे कक्षा में तनाव बढ़ गया। वंदना पर हमले के बाद उसने स्थिति को और खराब करने के लिए एक अन्य शिक्षक को घायल करने का प्रयास किया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद देशवाल को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बावजूद देशवाल ने कथित तौर पर अपने हिंसक व्यवहार के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।