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Delhi Riots 2020: अदालत ने अभियोजन पक्ष को लगाई फटकार, नहीं जमा कर सके आरोपियों की पहचान से जुड़ा वीडियो
Sun, 27 Aug 2023 05:15 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 27 Aug 2023 05:15 PM IST
सार
दिल्ली दंगे मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष को फटकार लगाई है। अदालत ने अभियोजन पक्ष से आरोपियों की पहचान के लिए एक वीडियो जमा करने को कहा था।
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कोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में आरोपियों की पहचान से संबंधित वीडियो जमा नहीं करने पर अभियोजन पक्ष को फटकार लगाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पुलस्त्य प्रमाचला ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभियोजन पक्ष अदालत को मूर्ख बना रहा है। उन्होंने जांच एजेंसी को भविष्य में ऐसा आचरण न दोहराने की चेतावनी भी दी।
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दयालपुर थाने में आरोपी मोहम्मद फारूक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष से आरोपियों की पहचान के लिए एक वीडियो जमा करने को कहा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पुलस्त्य प्रमाचला ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि जांच एजेंसी द्वारा आरोपी की पहचान के लिए जिस वीडियो पर भरोसा किया गया था, उसकी अनुपस्थिति के कारण मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही रोक दी गई थी।
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अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्टों पर ध्यान देते हुए एएसजे ने कहा कि यह स्पष्ट है कि वीडियो की एक मिरर कॉपी एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से अभी तक तैयार और प्राप्त नहीं की गई है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि कम से कम अब थाना प्रभारी इस मिरर कॉपी को जल्द से जल्द प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। मामले में छह जुलाई को पिछली सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में अदालत ने कहा था कि वीडियो मामले के लिए प्रासंगिक है। मामले में अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी।
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