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मां ने ठुकराया तो नर्स ने अपनाया
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 30 Dec 2013 12:28 PM IST
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दिल्ली में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद पैदा हुए बच्चे को एक नर्स व उसके पति ने अपना लिया है। अदालत ने दंपति को बच्चा गोद लेने की अनुमति दे दी है। पीड़ित नाबालिग ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया था।
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बता दें कि 14 वर्षीय लड़की ने गत वर्ष अगस्त में बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे को गोद लेने वाली महिला सरकारी अस्पताल में नर्स है, जबकि उसका पति सरकारी कर्मी है। शादी के सात साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं है। दंपति ने अदालत में अर्जी दायर कर बच्चे को गोद लेने की अनुमति मांगी थी। बच्चा जन्म से नर्स के पास ही था।
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दंपति के मुताबिक बच्चे के पिता की जानकारी उसकी मां को भी नहीं थी। नशे की दवा देकर उससे दुष्कर्म किया गया था। उन्होंने अपनी अर्जी में कहा कि बेहद कम उम्र होने के कारण बच्चे की मां उसे अपनाने, पालने पोषने की स्थिति में नहीं थी। वह भविष्य में पैदा होने वाले सामाजिक व नैतिक हालातों के मद्देनजर बच्चे को अपने साथ नहीं रखना चाहती।
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द्वारका अदालत के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश आलोक अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा कि बच्चे को उसकी मां ने छोड़ दिया है और उसे माता पिता की जरूरत है। दंपति पिछले एक वर्ष से बच्चे की देखभाल कर रहा है, इसलिए उन्हें बच्चे की जिम्मेदारी दिया जाना सही है। अदालत की अनुमति मिलने के बाद नर्स कानूनी तौर पर बच्चे की मां बन गई है।