'महिला संबंध बनाने को कर रही मजबूर': कोर्ट ने पुरुष से दूर रहने का दिया आदेश, फ्लैट के आसपास भी नहीं जा सकती
अदालत ने कहा है कि महिला, पुरुष के फ्लैट के 300 मीटर के दायरे में नहीं आ सकती है और न ही किसी भी तरह से उसे और उसके परिवार के सदस्यों से संपर्क कर सकती है।
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रोहिणी कोर्ट ने एक महिला को एक विवाहित पुरुष से दूर रहने का आदेश दिया है। उस व्यक्ति ने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार किया था। सिविल न्यायाधीश रेणु ने कहा कि महिला, पुरुष के फ्लैट के 300 मीटर के दायरे में नहीं आ सकती है और न ही किसी भी तरह से उसे और उसके परिवार के सदस्यों से संपर्क कर सकती है।
न्यायाधीश ने कहा कि प्रतिवादियों को वादी या उसके परिवार के किसी भी सदस्य का व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक, टेलीफोन या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित किसी भी संचार माध्यम से पीछा करने, परेशान करने या उनका पीछा करने से भी रोका जाता है।
अदालत ने आदेश दिया कि प्रतिवादियों को वादी या उसके परिवार के सदस्यों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से भी, संपर्क करने का कोई भी प्रयास करने से भी रोका जाता है।
अदालत ने कहा कि कहा कि प्रतिवादी का आचरण वादी के स्वतंत्र रूप से घूमने के मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर रहा है और उसे शांतिपूर्वक जीवन जीने से रोक रहा है। साल 2019 में वादी की एक आश्रम में प्रतिवादी महिला से बातचीत हुई और दोनों एक-दूसरे से बातचीत करने लगे।
इसके बाद 2022 में उसने कथित तौर पर महिला के प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि वह एक बूढ़ा और शादीशुदा व्यक्ति है और उसके बच्चे भी हैं। हालांकि, महिला सोशल मीडिया पर उसका और उसके बच्चों का पीछा करती रही।
यहां तक कि उसके फ्लैट पर भी आकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाती रही। व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अगर उसने उसकी बात अनसुनी की तो महिला ने उसे आत्महत्या करने की धमकी दी।
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