शाजिया पर गिरफ्तारी का वारंट जारी
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आम आदमी पार्टी के उपर एक के बाद एक मुसीबतें आती जा रही हैं। दिल्ली की एक स्थानीय कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की नेता शाजिया इल्मी के खिलाफ मानहानि के मुकदमे पर वारंट जारी किया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल द्वारा दायर किए गए एक मानहानि के केस में कोर्ट ने शाजिया इल्मी के खिलाफ कोर्ट में पेश ना होने पर जमानती वारंट जारी किया है।
अमित सिब्बल ने पिछले साल दिसंबर में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और शाजिया इल्मी के खिलाफ कोर्ट में एक शिकायत दर्ज कराई थी। पेशे से वकील अमित का आरोप है कि इन नेताओं ने वोडाफोन टैक्स माफी मामले में उन्हें और उनके पिता को बदनाम करने की कोशिश की थी।
क्या है पूरा मामला?
AAP के इन नेताओं ने कपिल सिब्बल पर आरोप लगाया था कि टेलीकॉम की बड़ी कंपनी वोडाफोन के मामले में टैक्स डिमांड रिवाइज करके उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया था।
केजरीवाल ने पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कानून मंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर ही हचिसन एस्सार को वोडाफोन की 11,217 करोड़ की देनदारी का मामला कोर्ट के बाहर ही निपटवा दिया था।
AAP नेताओं के मुताबिक कपिल सिब्बल ने ऐसा तब किया था, जब उनके बेटे अमित हचिसन में काम कर रहे थे। केजरीवाल ने सवाल खड़ा किया था कि कहीं इस काम के लिए सिब्बल को 2000 करोड़ रुपये तो नहीं दिए गए थे?
शाजिया दे चुकी हैं पार्टी छोड़ने का संकेत
गौरतलब है कि साल 2007 में वोडाफोन ने हचिसन एस्सार को खरीदा था, जिसके लिए उसे 11,217 करोड़ रुपये हचिसन को देने थे। अमित सिब्बल उस समय हचिसन के वकील थे।
इस बीच शाजिया इल्मी की ओर से इस केस को लेकर कोई बयान नहीं आया है। हालांकि शुक्रवार को शाजिया ने मीडिया में ऐसा संकेत दिया था कि वह पार्टी से इस्तीफा दे सकती है। शाजिया का कहना था कि पार्टी अपने दिशा से भटक गई है।