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Delhi: दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने पांच आरोपियों को किया बरी, 2010 में हुई थी मां बेटी की हत्या

Sun, 19 Nov 2023 08:45 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 19 Nov 2023 08:45 PM IST
सार

दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2010 के दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण गवाह की गवाही विश्वसनीय नहीं थी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य निर्णायक रूप से अपराध को साबित करने में विफल रहे।

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Court acquitted five accused in double murder case in Delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2010 के दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण गवाह की गवाही विश्वसनीय नहीं थी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य निर्णायक रूप से अपराध को साबित करने में विफल रहे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन सांगवान, आरोपी मोहम्मद इलियास, मोहम्मद यामीन, गुलफाम, राज कुमार और सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में एक मिंटू नामक आरोपी की वर्ष 2022 में मौत हो गई थी, ऐसे में उसके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई थी।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार इलियास ने अपनी पत्नी शबाना की हत्या की योजना बनाई, क्योंकि उसे पत्नी के विवाहेतर संबंध होने का संदेह था। उसने हत्या के लिए तीन लाख रुपए देकर अन्य आरोपियों को शामिल किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि इलियास के घर की टोह लेने के बाद आरोपियों ने 12 अक्तूबर 2010 को शबाना की उसके घर में हत्या कर दी। उन्होंने इलियास की मां की भी हत्या कर दी क्योंकि उन्हें लगा कि वह उन्हें पहचान लेगी। एएसजे सांगवान ने कहा कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और न ही किसी ने हत्यारों को पीड़ितों के घर में प्रवेश करते या बाहर निकलते देखा था। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई गवाह नहीं है, जिसने हत्यारों को घटना से पहले पीड़ित के घर का सर्वेक्षण करते हुए देखा हो या अपराध स्थल पर किसी भी आरोपी के कोई निशान और उनकी मौजूदगी को दर्शाने वाले कोई अन्य जैविक सबूत जैसे बाल, खून, पसीना आदि नहीं मिले। 

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किसी भी प्रत्यक्ष साक्ष्य के अभाव को रेखांकित करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले का मुख्य गवाह अंकित शर्मा नामक एक वैन चालक था। उसकी वैन का इस्तेमाल आरोपियों ने घटना से पहले टोह लेने और घटना की तारीख पर वारदात को अंजाम देने के लिए किया था।

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