कीर्तन के बहाने पति-पत्नी खेल रहे थे घिनौना खेल
लॉटरी (कमेटी) के बहाने लक्ष्मण विहार के करीब सौ लोगों को सात करोड़ से अधिक रुपये का चूना लगाने वाला दंपति कीर्तन के नाम पर अपना शिकार बनाता था। इस दंपति को स्थानीय लोग बेहद ईमानदार, धार्मिक और दयालु समझते थे।
लक्ष्मण विहार में रहने वालों का कहना है कि दंपति मंजू सैनी और विष्णु भगवान साल में कई-कई बार कीर्तन सहित कई तरह के धार्मिक आयोजन किया करते थे। इसमें भारी भीड़ जुटती थी।
जनवादी महिला मोर्चा की अध्यक्ष उषा सरोहा ने बताया कि आरोपी दंपति का लोगों को अपने शीशे में उतारने के और भी कई तरीके थे।
लक्ष्मण विहार में बड़ा लॉटरी के नाम पर बड़ा धंधा
वह किसी भी कॉलोनीवासी की शादी में पहुंचकर 50 हजार रुपये तक नकद या गिफ्ट दे दिया करते थे। इससे लोगों का उसके प्रति विश्वास निरंतर बढ़ने लगा था। उसके बाद सूद पर पैसे लेन-देन का भी धंधा शुरू कर दिया।
कॉलोनी वालों ने बताया कि उसकी शिकार होने वालों में अधिकतर महिलाएं हैं। वे अपने पति से पैसे बचाकर दंपति के यहां रखती थी। इनमें बड़े घर की महिलाओं के अलावा घर में पोछा-बरतन करने वाली भी शामिल हैं।
शहर की इस घनी और बड़ी कॉलोनी में बड़ी संख्या में महिलाएं कमेटी चलाने का धंधा चला रही हैं। इनमें कई राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हैं तो कई घरेलू।
कई जा चुकी हैं जेल
वह धार्मिक अथवा शादी-ब्याह के कार्यक्रम में महिलाओं से संपर्क करती हैं। उसके बाद उन्हें लॉटरी के नाम पर अपने जाल में फंसा लेती हैं।
स्थानीय पुलिस कहती है कि यह अवैध धंधा इतने गुपचुप तरीके से चलता है और लोग खुद अपनी मर्जी से इसमें फंसते हैं। इसलिए चाहकर भी पुलिस कुछ नहीं कर पाती।
जनवादी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष उषा सरोहा कहती हैं कि कमेटी का भंडा फोड़ घपले के खुलासे के बाद होता है। ऐसे कई मामले लक्ष्मण विहार में सामने आ चुके हैं। इनमें से दो में दो महिलाएं जले की भी हवा खा चुकी हैं। इसके बावजूद इस काम का सिलसिला थम नहीं रहा है।