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जून 2022 में दुहाई पहुंचेगी देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन, 2023 से कर सकेंगे यात्रा 

Sun, 05 Jul 2020 03:10 PM IST
प्राची प्रियम माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: प्राची प्रियम Updated Sun, 05 Jul 2020 03:10 PM IST
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Countrys first high speed train to reach duhai by 2022 people can start travelling from 2023
हाई स्पीड ट्रेन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन जून 2022 तक तैयार होकर दुहाई (गाजियाबाद) पहुंच जाएगी। शुरुआत में ट्रायल रन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को छह-छह बोगी वाली दो ट्रेन दी जाएगी। इसके बाद शेष ट्रेनों की आपूर्ति अप्रैल 2023 तक कर दी जाएगी। 

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इस संबंध में एनसीआरटीसी और निर्माण कंपनी बॉम्बार्डियर के बीच बातचीत हो चुकी है। कुल 1650 करोड़ की लागत से दिल्ली मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली 30 ट्रेन और 10 मेट्रो ट्रेनों की आपूर्ति बॉम्बार्डियर इंडिया लिमिटेड की तरफ से की जानी है। 
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उधर, एनसीआरटीसी ने भी रैपिड ट्रेन कारिडोर के निर्माण की गति को बढ़ा दिया है, जिससे अप्रैल 2023 में दुहाई से साहिबाबाद के बीच देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन को शुरू किया जा सके। 
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ट्रेन निर्माण को लेकर टेंडर बीते दिनों कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर को मिला है। टेंडर की शर्तों के तहत कंपनी गुजरात के सावली (बड़ौदा) प्लांट में ही पूरी ट्रेन का निर्माण करेगी। मेक इन इंडिया के तहत पूरी ट्रेन का निर्माण गुजरात में ही होगा। यहां तक की अधिकांश कलपुर्जे भी इंडिया में ही तैयार किए जाएंगे। 

कंपनी इससे पहले दिल्ली मेट्रो के लिए बोगी तैयार कर चुकी है। इधर, अब एनसीआरटीसी का पूरा ध्यान निर्माण कार्य में गति लाने पर है। दुहाई से साहिबाबाद के बीच करीब 17 किलोमीटर में सबसे पहले ट्रेन को शुरू किया जाना है, जिसमें 1324 पिलर की पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। 

अगले एक महीने में इतने ही पिलर की पाइलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। एनसीआरटीसी की कोशिश की है कि इस साल के अंत तक पिलर का काम पूरी तरह से पूरा कर लिया जाए। उसके बाद ऊपर का काम शुरू किया जाए। उधर, स्टेशन व डिपो निर्माण को लेकर भी प्रक्रिया तेज चल रही है। 

दो दिन पहले शासन में हुई बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वो बिना किसी बाधा के एनसीआरटीसी को जमीन हस्तांतरित कर दें। कागजी कार्रवाई व फंड की व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया चलती रहेगी। इसी बीच अब दुहाई में डिपो निर्माण को लेकर भी अगले एक से दो महीने में जमीन संबंधी विवाद को सुलझाने की तैयारी है। 

सरकार भी चाहती है कि किसी भी स्तर पर प्रोजेक्ट में देरी न हो। प्रधानमंत्री कार्यालय इस प्रोजेक्ट की स्वयं अपने स्तर पर निगरानी कर रही है। इसी का नतीजा है कि राज्य सरकार भी जमीन संबंधी मामलों को जल्द सुझाने में तत्परता दिखा रही है। 

15 साल तक देखरेख करेगी बॉम्बार्डियर  
टेंडर की शर्तों के हिसाब से बॉम्बार्डियर डिलीवरी की तिथि से अगले 15 वर्षों तक रखरखाव भी करेगी। मेरठ में तीन-तीन बोगी वाली मेट्रो चलाई जाएगी। जबकि शुरुआती चरण में हाईस्पीड ट्रेन में छह बोगी लगी होंगी। 

इस तरह से कंपनी 30 ट्रेनों की 180 बोगी देगी और 10 मेट्रो ट्रेन की 30 बोगी उपलब्ध कराएगी। हालांकि मेरठ में मेट्रो सर्विस का संचालन वर्ष 2025 तक शुरू किए जाएगा। क्योंकि उस रूट का निर्माण तीसरे चरण में किया जा रहा है, जिसमें अभी समय लगेगा। 

सीपीआरओ-एनसीआरटीसी सुधीर शर्मा ने बताया कि हाईस्पीड ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है। ट्रेन निर्माण को लेकर टेंडर हो चुका है। पूरी तरह से ट्रेन का निर्माण गुजरात में होगा। पहली ट्रेन वर्ष 2022 में मिल जाएगी। 

इसके बाद करीब 10-11 महीने का ट्रायल चलेगा। उधर, प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में दुहाई से शताब्दीनगर के बीच कंस्ट्रक्शन का काम एलएंडटी कंपनी ने शुरू कर दिया है।

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