घूसखारों की उलटी गिनती शुरू, बन चुका है प्लान
जनता के कामों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने को प्राधिकरण परिसर में कुल 68 कैमरे लगेंगे। इस काम में करीब 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
दरअसल, प्राधिकरण से नक्शा पास कराने, ट्रांसफर मेमोरंडम या कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने आदि कार्यों में आम जनता के पसीने छूट जाते हैं। कई मामलों में छह माह से कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाता।
इसकी शिकायत आला अफसरों तक पहुंचती रहती है। घूस लिए जाने की बात भी आए दिन सामने आती रहती है। इसलिए हर विभाग में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया गया है जिससे काम में पारदर्शिता आ सके।
ऑनलाइन टेंडर जारी करने की तैयारी
ये कैमरे प्राधिकरण के सभी विभागों (आवासीय भूखंड, आवासीय भवन, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत, व्यावसायिक, उद्योग, नियोजन, भूलेख आदि) में लगेंगे।
प्राधिकरण के एसीईओ अखिलेश सिंह ने बताया कि सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगले दो से तीन दिन में इसका ऑनलाइन टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
26 जनवरी से पहले पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। इससे कर्मचारियों पर निगरानी के साथ ही सुरक्षा भी पुख्ता हो सकेगी। मौजूदा समय में सिर्फ गेटों पर सीसीटीवी लगे हैं।