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निगम कार्यकारिणी चुनाव में हंगामा, बसपा जीती
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 27 Dec 2014 01:32 PM IST
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कार्यकारिणी समिति में सबसे ज्यादा सदस्यों के बावजूद भाजपा कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल नहीं कर पाई। एकजुट विपक्ष ने सभी पार्षदों के नाम की पर्ची डालकर ड्रा कराया।
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इसमें बसपा के आदिल मलिक का नाम निकला तो पूरे विपक्ष ने उन्हें समर्थन दे दिया। इसके बाद चुनाव में एक वोट से भाजपा को चोट देेते हुए उपाध्यक्ष पद झटक लिया। विपक्ष ने भाजपा पार्षदों को रिवाइज्ड बजट पर चर्चा भी नहीं करने दी।
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चुनाव होने के पांच मिनट बाद ही विपक्ष के छह पार्षदों ने रिवाइज्ड बजट पास होने की घोषणा कर दी। इस दौरान बैठक में हंगामा हुआ।
हंगामे के बीच भाजपा पार्षद बजट पर चर्चा कराने की मांग करते रहे और विपक्षी पार्षद बजट पास होने की घोषणा कर सभागार से निकल गए। अब बोर्ड बैठक में बजट पर चर्चा होगी।
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दरअसल, बीते वर्ष महापौर ने सपा पार्षद दल के नेता को उपाध्यक्ष पद पर समर्थन का आश्वासन दिया था मगर भाजपा के संगठन पदाधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया।
इस वादाखिलाफी से बसपा, कांग्रेस, सपा एकजुट हो गए। उन्होंने बसपा के आदिल मलिक को साझा प्रत्याशी बनाकर भाजपा प्रत्याशी प्रवीन चौधरी के सामने उतार दिया।
मतदान में 11 वोटों में से 5 प्रवीन को और 6 वोट आदिल को मिले। मतगणना के बाद महापौर तेलूराम कांबोज ने आदिल को विजयी घोषित कर दिया।
नवनियुक्त कार्यकारिणी उपाध्यक्ष आदिल मलिक ने कहा कि अफसरों ने अच्छा बजट पेश किया है और विपक्ष उसे ध्वनिमत से पास करता है। हालांकि भाजपा के अनिल चौधरी और संजय कुमार ने इस पर विरोध किया, लेकिन विपक्षी दलोें की एकजुटता के सामने उनकी न चली। अंत में महापौर को बैठक समाप्ति की घोषणा करनी पड़ी।
निर्माण और स्वास्थ्य विभाग को मिला अतिरिक्त बजट- रिवाइज्ड बजट में निर्माण विभाग को 12 करोड़ रुपया अतिरिक्त दिया गया। निर्माण का बजट 50 से बढ़ाकर 62 करोड़ किया गया।
स्वास्थ्य का बजट 3 करोड़ से बढ़ाकर 14 से 17 करोड़ किया गया। रिवाइज्ड में गंगाजल भुगतान के लिए 1 करोड़ आवंटित किया गया है। वहीं आमदनी मद में रोड कटिंग शुल्क का टारगेट 5 से 7 करोड़ किया गया।
राज्य वित्त आयोग से मिलने वाले फंड को 134 से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपया किया गया है। अवस्थापना फंड न मिलने से उससे होने वाली प्रस्तावित इनकम को 97 करोड़ से घटाकर 30 करोड़ किया गया है।
निगम के अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा के मुताबिक कुल मिलाकर इस साल 5 अरब 62 लाख की इनकम और 4 अरब 28 लाख का व्यय प्रस्तावित किया है।