अस्पतालों के गार्ड तक दे रहे हैं कोरोना को मात, सफदरजंग और आरएमएल में बरत रहे विशेष एहतियात
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यदि सावधानी बरती जाए तो कोरोना वायरस से बचाव किया जा सकता है। इसे दिल्ली के अस्पतालों और एयरपोर्ट पर दिनभर संदिग्ध व संक्रमित मरीजों के बीच रहने वाले कर्मचारियों ने साबित भी कर दिया है।
दिल्ली के सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में अब तक सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज संपर्क में आए हैं, लेकिन यहां के डॉक्टरों से लेकर सुरक्षा गार्ड तक अपना पूरा बचाव कर रहे हैं।
आरएमएल अस्पताल के सुरक्षा गार्ड महेंद्र ने बताया कि वह एक महीने से वार्ड नंबर पांच के मुख्य गेट पर ड्यूटी दे रहे हैं। इसी वार्ड में अब तक 100 से ज्यादा संदिग्ध और चार संक्रमित मरीज आ चुके हैं, जबकि दिल्ली निवासी एक महिला मरीज की मौत भी हो चुकी है।
बावजूद इसके, वे अपने मुंह पर मास्क लगाए बेखौफ होकर ड्यूटी करते हैं। हालांकि, ड्यूटी के दौरान वह किसी भी चीज को अपने हाथों के संपर्क में लाने से परहेज करते हैं। रजिस्टर पकड़ने के लिए भी वे हाथों में ग्लव्स पहनते हैं। कई बार वे बगैर ग्लव्स के भी रहते हैं, क्योंकि उन्हें हाथ धोने की आदत है।
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. आशू मीणा बताते हैं कि मुंह और हाथ इन दोनों का बचाव करने से कोरोना का संक्रमण कभी नहीं लग सकता। अस्पताल में डॉक्टर के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ तक को ये बताया है। इसलिए कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीज होने के बाद भी सभी बेखौफ अपना काम कर रहे हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि उनके यहां सभी कर्मचारियों का काम काफी चुनौतीपूर्ण है। विदेश से आने वालों से सबसे पहले ये लोग ही मुखातिब हो रहे हैं। हालांकि, अब तक इनमें से कोई संक्रमित नहीं हुआ है। इसकी वजह सावधानी बरतना है।
आप भी दे सकते हैं कोरोना को मात
जो लोग सावधानी बरत रहे हैं उन्हें कोरोना का खतरा नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी तरह के दरवाजे, रेलिंग, हैंड होल्डर, कुर्सी, फर्नीचर, मोबाइल स्क्रीन आदि के इस्तेमाल के बाद तुरंत हाथ धोएं। किसी से हाथ नहीं मिलाएं। जब तक हाथ न धोएं, मुंह या नाक के संपर्क में नहीं लाए।