चुनौती से कम नहीं दिल्ली सरकार का हेल्थ बुलेटिन समझना, पांच बार हो चुका बदलाव
- 2 मार्च को मिला था पहला मरीज, पांच बार बदल चुका बुलेटिन
- दिल्ली में 1561 कोरोना संक्रमित मरीज, बुलेटिन में भर्ती 818
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कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन को समझ पाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। राजधानी में पहला कोविड मरीज 2 मार्च को सामने आया था तब से लेकर अब तक स्वास्थ्य विभाग पांच बार अपने हेल्थ बुलेटिन को बदल चुका है।
स्थिति यह है कि मंगलवार तक दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1561 पहुंच चुकी है लेकिन हेल्थ बुलेटिन के अनुसार अस्पतालों में केवल 818 संक्रमित मरीज ही भर्ती हैं। 30 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि एक मरीज देश छोड़कर भाग चुका है।
30 मरीज अब तक अस्पताल से डिस्चॉर्ज होकर जा चुके हैं। ऐसे में 61 मरीजों को छोड़ दें तो अस्पतालों में 1500 संक्रमित मरीज भर्ती होने चाहिए लेकिन हेल्थ बुलेटिन के ही अनुसार सात सरकारी और तीन प्राइवेट अस्पतालों मे कुल 1429 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 818 संक्रमित और 553 संदिग्ध मरीज शामिल हैं।
"सब कुछ सीएम कार्यालय से चल रहा है"
जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ संदीप कौशिक कहते हैं कि आमतौर पर कोरोना मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। ऐसे में माना जा सकता है कि अस्पतालों से मिलने वाली जानकारी बुलेटिन में न हो लेकिन अस्पतालों में 1500 की जगह 1429 मरीज ही भर्ती रहने की बात समझ नहीं आई।
वहीं जन स्वास्थ्य संगठन से ही जुड़े विवेक बंसल का कहना है कि दिल्ली सरकार के अनुसार 30 में से 12 मौत आरएमएल अस्पताल में हुई हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सरकार अपने हेल्थ बुलेटिन में मृतकों की जानकारी स्पष्ट क्यों नहीं दे रही? किस अस्पताल में कितने मरीजों की मौत हुई? कोरोना वायरस के अलावा उन मरीजों की केस हिस्ट्री क्या थी? इसके बारे में बुलेटिन में कुछ भी जिक्र नहीं है।
उधर दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। जबकि इसी विभाग के एक अधिकारी ने पहचान छिपाने की शर्त पर हेल्थ बुलेटिन में बदलाव की वजह पर कहा कि सबकुछ सीएम कार्यालय से ही चल रहा है।