कोरोना वायरसः नवरात्रों में देवी को नहीं चढ़ा पाएंगे फूल-माला, मिलेगा पैक हुआ प्रसाद
- मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी
- भक्तों को मंदिर में भंडारा खाने का भी अवसर नहीं मिलेगा
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जरा सा भी तापमान असामान्य रहने पर किसी को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। भक्तों को मंदिर में भंडारा खाने का भी अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि मंदिर से बाहर निकलते समय सबको पैक किया हुआ प्रसाद दिया जाएगा, जिसे वे कहीं भी जाकर अपनी सुविधा के अनुसार खा सकेंगे।
मंदिर प्रशासन की सोमवार शाम हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। यह फैसला कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है। कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए राजधानी के अन्य मंदिरों में भी इसी तरह की व्यवस्था किए जाने की संभावना है।
झंडेवालान मंदिर के प्रमुख अधिकारी नन्दकिशोर सेठी ने अमर उजाला को बताया कि मंदिर में प्रवेश से पहले हर भक्त की थर्मल स्कैनिंग होगी। इसके अलावा सभी भक्तों को सैनिटाइजर दिया जाएगा, जिससे वे अपना हाथ वायरस के संभावित संक्रमण से मुक्त कर सकेंगे।
उसके अलावा प्रवेश द्वार पर ही साबुन रखा रहेगा। सभी भक्तों को हाथ धुलना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय दुकानों पर भी केवल नारियल का फल ही चढ़ाने के लिए उपलब्ध होगा। भक्त केवल इन्हीं नारियलों को देवी के सामने चढ़ा सकेंगें। इन दुकानदारों से फूल नहीं बेचने के लिए कहा जायेगा।
इसके पहले दर्शन के बाद लोगों को भंडारा खिलाने की परंपरा भी चली आ रही थी, लेकिन 25 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र में इस बार भक्तों को भंडारा प्रसाद नहीं मिलेगा। मंदिर के प्रशासकों और सेवादारों के परिवारों के लिए भी यह प्रसाद नहीं उपलब्ध होगा।
मंदिर में केवल सेवा कार्य में लगे लोगों को ही प्रसाद मिल सकेगा। ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में नवरात्रों के समय प्रतिदिन लाखों की संख्या में भक्त देवी के दर्शन के लिए आते हैं। सभी भक्तों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी और सबको हाथ धुलना अनिवार्य होगा।
लगातार बिगड़ रही है स्थिति
देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक कोरोना से पीड़ितों की संख्या 125 तक पहुंच गई है। इससे दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि इससे 13 पीड़ित लोगों का सफल इलाज कर दिया गया है।