Coronavirus: सरकार की खाली पड़े फ्लैटों, स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाने की तैयारी, नहीं आने देंगे थर्ड स्टेज
- 15 हजार करोड़ की मदद शुरूआती, आवश्यकता होने पर और धन मुहैया कराएगी सरकार
- प्राइवेट अस्पतालों का आंकड़ा आईएमए ने सरकार को उपलब्ध कराया
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कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक हफ्ते के अंदर ही इसका असर दिखाई पड़ने लगेगा और देश में कोरोना संक्रमण की सही स्थिति क्या है, इसका सटीक अंदाजा लग जायेगा।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि देश अभी संक्रमण के थर्ड स्टेज यानी कम्युनिटी संक्रमण के दौर में नहीं पहुंचा है और अगर 21 दिनों में लोगों ने खुद पर काबू रखा और घरों से बाहर नहीं आए तो हम देश को थर्ड स्टेज में जाने से पहले रोक सकते हैं। इसके लिए सामान्य लोगों का प्रशासन को साथ देना बेहद आवश्यक है।
देश में प्रति हजार व्यक्ति केवल 0.5 बेड
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्स्ना के मुताबिक हम अभी थर्ड स्टेज में नहीं पहुंचे हैं। इस स्टेज में कोरोना पीड़ितों की संख्या में अचानक भारी इजाफा होने लगता है। लेकिन केंद्र सरकार ने बिलकुल सही समय पर देश में लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी है।
इसका सही असर आने वाले दिनों में दिखाई पड़ेगा। कुछ दिनों में वायरस की स्थिति पर भी बेहतर जानकारी सामने आ जाएगी जिससे इससे निबटने में मदद मिलेगी।
देश में प्रति हजार व्यक्ति केवल 0.5 बेड ही उपलब्ध हैं, जबकि इटली जैसे देश में यह आंकड़ा 3.2 और अमेरिका में 2.8 है। ऐसे में क्या कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हमारी तैयारी पूरी है?
इस सवाल के जवाब में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष राजन शर्मा का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी प्राइवेट अस्पतालों से उनके संसाधनों की जानकारी ले ली है। सरकार ने कोरोना से निबटने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराई है।
इसके आलावा राज्यों का अपना फंड और संसाधन भी हैं। अगर इनका समुचित प्रबंधन होता है तो कोरोना से लड़ने में कोई मुश्किल नहीं आएगी।
नहीं होगी धन की कमी
आईएमए अध्यक्ष राजन शर्मा के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट इशारा किया है कि कोरोना से निबटने में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस खतरे से निबट सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे बड़ी बात लोगों को यह समझनी चाहिए कि कोरोना से निबटने के मामले में धन से ज्यादा भूमिका लोगों की सोशल डिस्टेंसिंग की है, जो बिना किसी पैसे की है। अगर लोगों का साथ मिलता है तो इससे निबटने में कोई मुश्किल नहीं आएगी।
खाली पड़े फ्लैट्स बनेंगे क्वारंटीन सेंटर
किसी आपात स्थिति से निबटने के लिए केंद्र सरकार ने देश के सभी प्राइवेट अस्पतालों से उनके यहां वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की अपडेटेड जानकारी ले ली है। इन अस्पतालों में कम से कम एक वार्ड क्वारंटीन वार्ड के रूप में तैयार रखने को कहा गया है।
संक्रमण की स्थिति को देखते हुए खाली पड़े फ्लैट, सरकारी भवनों, स्कूलों को भी क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया जा सकता है। दिल्ली में मंडोली जेल को पूरी तरह से क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर दिल्ली-एनसीआर के खाली पड़े फ्लैट्स को भी क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया जा सकता है।