कोरोनाः 22 लाख की आबादी में वेंटिलेटर सिर्फ 177, अब नोएडा में एक माह में बनेंगे 10 हजार वेंटिलेटर
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उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में देश के सबसे प्रदेश में वेंटिलेटर का हाल कुछ ठीक नहीं है। बात दिल्ली से सटे नोएडा की करें तो यहां 22 लाख की आबादी है। यहां अब तक 48 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। नोएडा में यह संक्रमण फैलने की सबसे बड़ी वजह सीजफायर कंपनी है। बढ़ते संक्रमण के चलते आने वाले समय में वेंटिलेटर की मांग बढ़ सकती है लेकिन वेंटिलेटरों की संख्या यहां बेहद कम है। हालांकि इस समस्या से निपटने की तैयारी भी शुरू हो गई है। आगे जानिए क्या है वेंटिलेटर की समस्या और सरकार ने इसे लेकर क्या कदम उठाया है...
जिले में मात्र 177 वेंटिलेटर
कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण शहर में वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरणों की मांग बढ़ रही है। हालांकि, अब तक जितने मरीज भर्ती हैं, उनके इलाज में वेंटिलेटर की आवश्यकता नहीं है। विभाग के अनुसार, जिले में कुल 177 वेंटिलेटर हैं। इनमें से अधिकतर चल रहे हैं।
इन वेंटिलेटरों पर पहले से कुछ गंभीर मरीज हैं। कोरोना के चलते कुछ वेंटिलेटर को रिजर्व रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी किसी भी संक्रमित मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी है। आवश्यकता के अनुसार वेंटिलेटर का प्रयोग किया जाएगा।
नोएडा में एक माह में बनेंगे 10 हजार वेंटिलेटर
नोएडा स्थित एक इकाई एक माह में 10 हजार वेंटिलेटर का निर्माण कर केंद्र सरकार को उपलब्ध कराएगी। इसके लिए महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, गौतमबुद्धनगर ने 126 पास जारी किए जा चुके हैं।
यह पास मारुति सुजूकी के अनुरोध पर जारी किए गए हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-7 में एग्वा हेल्थकेयर की निर्माण इकाई है। यह इकाई मेसर्स मारुति सुजूकी के साथ एक जॉइंट वेंचर के माध्यम से एक माह में 10 हजार यूनिट वेंटिलेटर का निर्माण कर रही है।
मारुति सुजूकी की ओर से इकाई को मैनपावर और अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में एग्वा मेडिकेयर एवं मारुति सुजूकी के मध्य 10 हजार वेंटिलेटर यूनिट को लेकर ही समझौता हुआ है। इससे अधिक निर्माण के लिए भविष्य में अगर आदेश मिलता है, तो मारुति सुजूकी का प्रबंध तंत्र इस पर विचार करेगा।