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गौतमबुद्ध नगर में कोरोना वायरस के 59 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1097 हुई
Wed, 17 Jun 2020 07:13 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 17 Jun 2020 07:13 PM IST
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नोएडा में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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गौतमबुद्ध नगर में बुधवार को कोरोना वायरस के 59 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 51 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। जिले में अब तक 576 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। गौतमबुद्ध नगर में अभी 507 सक्रिय मामले हैं। जबकि कोरोना वायरस से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1097 हो गई है।
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संक्रमित ठीक होकर घर पहुंचे, तब टावर किया सील
कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद सोसाइटी या वहां के टावर को सील करने में लापरवाही बरती जा रही है। बुधवार को नेफोमा ने इसकी शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और जिले के नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण से की है। साथ ही मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करने की मांग की है। ताकि, लोगों को हो रही परेशानी दूर हो सके।
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नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज दो सोसाइटी में 27 मई को एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला था। पीड़ित 11 दिन में ठीक होकर घर आ गया। इसके बाद 7 जून को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने सोसाइटी के टावर बी-4 को सील किया।
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टावर के निवासियों ने इसका विरोध किया, लेकिन प्रशासन नहीं माना। इसी तरह महागुन मायवुड सोसाइटी के रेडवुड टावर को तब सील किया, जब कोरोना पीड़ित व्यक्ति ठीक होकर घर वापस आ गया। वहां के निवासी भी प्रशासन से बार-बार सीलिंग हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आरोप है कि प्रशासन की टीम सीलिंग में लापरवाही बरत रही है। लोगों का कहना है कि अगर सीलिंग करनी है तो जिस दिन केस मिले, उसी दिन की जाए। मरीज ठीक होकर घर पहुंच जाता है, उसके बाद सीलिंग हो रही है। सीईओ से इस लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही टावरों की सीलिंग खोलने की मांग की है। ताकि, लोग अपने नौकरी पर जा सके।