{"_id":"5fc34a3b1b203d363c22fa27","slug":"coronavirus-in-delhi-more-than-90-patients-dies-everyday-since-last-15-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में कोरोना: 15 दिनों से रोज औसतन 90 से अधिक लोगों की हो रही मौत, 5500 मरीज हो रहे हैं स्वस्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में कोरोना: 15 दिनों से रोज औसतन 90 से अधिक लोगों की हो रही मौत, 5500 मरीज हो रहे हैं स्वस्थ
Sun, 29 Nov 2020 12:44 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 29 Nov 2020 12:44 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी दिल्ली में बीते दो हफ्तों से संक्रमण दर में गिरावट आई है, लेकिन मृत्युदर में कोई कमी नहीं आ रही है। 15 दिनों से रोज औसतन 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इससे दिल्ली में कोरोना की मृत्युदर बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले दिल्ली में मृत्युदर सबसे कम है। मौत के आंकड़ों को कम करने के लिए सभी अस्पतालों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को संक्रमण के 5482 मामले आए थे। 11 नवंबर को 8593 केस आने के बाद प्रभावितों की संख्या लगातार कम हो रही है। अब रोजाना औसतन 5600 संक्रमित मिल रहे हैं। संक्रमण दर भी कम हो रही है।
विज्ञापन
दो सप्ताह पहले यह दर 15 फीसदी से अधिक हो गई थी, जो अब 8.37 फीसदी रह गई है। रिकवरी दर में भी इजाफा हो रहा है। अब रोजाना औसतन 5500 मरीज स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन मौत के मामलों में कमी नहीं आ रही। इस माह अब तक 2385 लोग संक्रमण से जान गंवा चुके हैं, जो अब तक सबसे अधिक है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है मौसम में बदलाव, बढ़ता प्रदूषण और होम आइसोलेशन में बरती जा रही लापरवाही मौत के मामलों के बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। आरएमएल अस्पताल के डॉ. अनुराग बताते हैं कि इस समय प्रदूषण के कारण कई लोगों के फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं।
ऐसे में संक्रमित होना काफी घातक साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मौत के मामलों को कम करने के लिए होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
इसके अलावा पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों की समय-समय पर आरटी- पीसीआर जांच की जा रही है। सरकार ने गंभीर मरीजों के लिए दो हफ्ते में 1400 आईसीयू बेड बढ़ाए हैं।