फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Controversy: Mosquito-borne disease data is mixed up, and the MCD is not reporting it

Controversy: मच्छरजनित बीमारियों के आंकड़े उलझे, रिपोर्ट नहीं दे रही एमसीडी; विरोधाभास से विश्वसनीयता पर सवाल

Sat, 18 Oct 2025 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 18 Oct 2025 06:29 AM IST
सार

आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले रिकॉर्ड स्तर पर हैं लेकिन डेंगू के मामलों में एमसीडी ने असामान्य गिरावट दिखाई है। इसी विरोधाभास ने अब एमसीडी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन
Controversy: Mosquito-borne disease data is mixed up, and the MCD is not reporting it
demo - फोटो : Freepik.com

विस्तार

दिल्ली में मच्छरजनित बीमारियों की स्थिति पर विवाद गहराता जा रहा है। आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले रिकॉर्ड स्तर पर हैं लेकिन डेंगू के मामलों में एमसीडी ने असामान्य गिरावट दिखाई है। इसी विरोधाभास ने अब एमसीडी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के सवालों के बाद एमसीडी ने साप्ताहिक रिपोर्ट जारी करना ही बंद कर दिया है।

विज्ञापन


एमसीडी की ओर से जारी अंतिम साप्ताहिक रिपोर्ट (4 अक्तूबर) के अनुसार, दिल्ली में अब तक मलेरिया के 431 और चिकनगुनिया के 76 मामले दर्ज किए गए जो पांच वर्षों में सर्वाधिक हैं। डेंगू के केवल 840 मामले दर्ज दिखाए गए हैं जबकि 2024 में इसी अवधि तक यह संख्या 1,630 और 2023 में 2,701 थी। आंकड़ों के अनुसार, इस साल मलेरिया के मामले 2024 से भी अधिक हैं लेकिन डेंगू में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
विज्ञापन


विशेषज्ञ मानते हैं कि यह रुझान एडीज मच्छर के व्यवहार के विपरीत है क्योंकि यही मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया दोनों फैलाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तो उन्हीं मच्छरों से फैलने वाला डेंगू अचानक आधा कैसे हो गया। क्या यह डेटा संग्रह में तकनीकी त्रुटि है या किसी स्तर पर मामले दर्ज ही नहीं किए जा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जवाब नहीं दे रही एमसीडी
सात अक्तूबर के बाद से एमसीडी की कोई नई साप्ताहिक रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। परंपरा के मुताबिक हर सोमवार को एमसीडी मच्छर जनित रोगों की स्थिति रिपोर्ट जारी करती थी जो मीडिया और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभागों के लिए प्रमुख स्रोत मानी जाती थी। अब रिपोर्ट जारी न होने से डेटा की पारदर्शिता पर और प्रश्न खड़े हो गए हैं। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि जैसे ही मीडिया और विपक्ष ने आंकड़ों में गड़बड़ी पर सवाल उठाने शुरू किए एमसीडी ने रिपोर्ट प्रकाशित करना रोक दिया।

आप ने आंकड़े छुपाने का आरोप लगाया
आप के वरिष्ठ पार्षद व नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि जब अस्पतालों में डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और मीडिया ने आंकड़ों पर सवाल उठाए तब एमसीडी ने साप्ताहिक रिपोर्ट जारी करना बंद कर दिया। पार्टी का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है। मलेरिया-चिकनगुनिया रिकॉर्ड स्तर पर है लेकिन डेंगू गायब क्यों।


रिपोर्ट जारी कराई जाएगी : सत्या शर्मा
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि अब मच्छरजनित बीमारियों के आंकड़े नहीं छुपाने देगी। उन्हें रिपोर्ट जारी नहीं करने के बारे में बृहस्पतिवार को ही मालूम हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित तौर पर रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed