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केवल इंद्रदेव बुझा सकते हैं दिल्ली की प्यास: उत्तराखंड और हरियाणा में जमकर हुई बारिश तो बढ़ जाएगा यमुना का जल स्तर, जानें वजह
Tue, 24 May 2022 02:06 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 24 May 2022 02:06 AM IST
सार
वजीराबाद बैराज में सोमवार को जलस्तर गिरकर 667.80 फीट रह गया है, जबकि बैराज में रविवार को जलस्तर 668 फीट था और बैराज में सामान्य तौर पर जलस्तर 674.50 फीट तय कर रखा है। लिहाजा उत्तराखंड़ में मानसून की दस्तक के बाद ही वजीराबाद बैराज में जलस्तर सामान्य हो पाएगा।
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दिल्ली में पानी की किल्लत
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राजधानी को पेयजल संकट से निजात मिलने के मामले में अब केवल इंद्रदेव की कृपा से ही उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश औप उत्तर प्रदेश के पानी के आदान प्रदान से मना करने और हरियाणा से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण राजधानी में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो चुका है। वजीराबाद वैराज में जलस्तर निरंतर कम हो रहा है। बैराज में गत दिनों की तरह सोमवार को भी जलस्तर कम होने का सिलसिला जारी रहा।
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वजीराबाद बैराज में सोमवार को जलस्तर गिरकर 667.80 फीट रह गया है, जबकि बैराज में रविवार को जलस्तर 668 फीट था और बैराज में सामान्य तौर पर जलस्तर 674.50 फीट तय कर रखा है। लिहाजा उत्तराखंड़ में मानसून की दस्तक के बाद ही वजीराबाद बैराज में जलस्तर सामान्य हो पाएगा, क्योंकि उत्तराखंड में निरंतर बारिश होने पर यमुना नदी में बाढ़ जैसे हालत हो जाते हैं और हरियाणा को हैथनी कुंड से अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ता है।
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इस कारण दिल्ली की सीमा में यमुना नदी में कई बार बाढ़ आ जाती है। इस कारण दिल्ली को पेयजल संकट से निजात पाने के मामले में उत्तराखंड़ में इंद्रदेव के मेहरबान होने का इंतजार करना होगा। दरअसल हरियाणा ने अपनी पूर्ति करने के लिए दिल्ली को पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। इस बारे में दिल्ली जल बोर्ड कई बार उससे पर्याप्त पानी देने का आग्रह कर चुका है, मगर हरियाणा ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की है।
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उधर गत दिनों की तरह वजीराबाद बैराज से जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र गत दिनों की तरह सोमवार को भी पूरी क्षमता से नहीं चले। इस कारण इन संयंत्रों से संबंधित इलाकों में पेयजल संकट छाया हुआ है। हालांकि दिल्ली में सोमवार को बारिश होने के कारण पानी की मांग कम रही और लोगों को पेयजल की कमी से अधिक दो-चार नहीं होना पड़ा।
दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला संयंत्रों से जुड़े इलाकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रविवार से कैरियर लाइन्ड कैनाल (सीएलसी) और दिल्ली सब ब्रांच (डीएसबी) का पानी वजीराबाद की ओर मोड़ दिया। इस कारण भी इन संयंत्रों की क्षमता बढ़ गई है।