ट्रेन यात्रा के दौरान परेशानी होने पर रेलवे को देना होगा 75 हजार का जुर्माना
अगर आप ने ट्रेन में यात्रा के लिए टिकट बुक कराया है और आपको बैठने के लिए सीट नहीं मिलती है तो इस असुविधा के बदले आपको 75 हजार रुपये या इससे भी ज्यादा रकम मिल सकती है और ये रकम चुकानी होगी भारतीय रेलवे को।
दिल्ली के राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रेलवे में यात्रा कर रहे एक यात्री को मुआवजे के तौर पर 75 हजार रुपये देने का आदेश दिया है। असल में इस शख्स ने अपनी टिकट रिजर्व करा रखी थी जिस पर पहले से ही कोई बैठा था और यात्रा के दौरान उन्हें अपनी सीट पर बैठने नहीं दिया गया।
राज्य उपभोक्ता आयोग ने उस ट्रेन में टिकट चेक करने वाले कर्मचारी को लापरवाही के लिए भी दंड दिया है। आयोग इस इस रेल कलेक्टर की एक तिहाई सैलरी काटने और उसे भी परेशान होने वाले यात्री को देने का आदेश दिया है।
बता दें कि दिल्ली निवासी वी विजय कुमार ने राज्य उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करते हुए कहा था कि 23 मार्च 2013 को विशाखापट्टनम से दिल्ली यात्रा के दौरान उनकी आरक्षित सीट पर एक शख्स आकर बैठ गया।
'इतना मुआवजा ही पर्याप्त है'
उसे हटाने के लिए जब वो टिकट चेक करने वाले रेलवे कर्मचारी को तलाशने लगे तो वह भी नहीं मिला। इस कारण उन्हें यात्रा के दौरान अपनी सीट पर नहीं बैठने दिया गया जिससे अन्य यात्रिओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विजय कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी सीट पर बैठने वाला शख्स मध्य प्रदेश के बीना स्टेशन पर चढ़ा और उनकी सीट पर बैठ गया जिससे उन्हें अपनी सीट नहीं मिल सकी।
हालांकि दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने विजय कुमार की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया कि उन्हें 75000 से ज्यादा का मुआवजा मिलना चाहिए। आयोग ने कहा कि इतना मुआवजा ही पर्याप्त है।