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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Construction of district-level mini secretariats accelerated, government services will be available within a single district.

Delhi NCR News: जिलास्तरीय मिनी सचिवालयों का निर्माण तेज, एक ही जिले में ही मिलेंगी सरकारी सेवाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 08:11 PM IST
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-पहले चरण में छह स्थानों पर बनाया जाएगा मिनी सचिवालय
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
राजधानी में सरकारी दफ्तरों के चक्कर और अलग-अलग विभागों के बीच भटकने की मजबूरी अब खत्म हो रही है। दिल्ली सरकार ने शहर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला-स्तरीय मिनी सचिवालयों के निर्माण की प्रक्रिया तेज की है। इसका मकसद है कि नागरिकों को उनके जिले में ही एक छत के नीचे अधिकतम सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो जाए।


लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ताजा आदेश के अनुसार, छह स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर फाइनल किया गया है। पूर्वी दिल्ली का मिनी सचिवालय मंडावली में, उत्तर-पश्चिम का कंझावला में, दक्षिण का साकेत में और दक्षिण-पश्चिम का द्वारका सेक्टर-10 में बनेगा। वहीं दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम जिलों के लिए उनके मौजूदा डीएम कार्यालय परिसरों में ही नए प्रशासनिक ढांचे विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के परियोजना विंग को सौंपी है। इस फैसले का अहम पहलू यह है कि सरकार इसे केंद्रीकृत लेकिन विकेंद्रीकृत प्रशासन के मॉडल के तौर पर देख रही है। अभी हालात यह हैं कि किसी एक काम के लिए नागरिकों को कई विभागों और अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मिनी सचिवालयों के जरिए राजस्व, पंजीकरण, प्रमाणपत्र, आपदा प्रबंधन और अन्य जिला-स्तरीय सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, इन मिनी सचिवालयों को पारंपरिक सरकारी इमारतों से अलग, नागरिक-केंद्रित डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा। वेटिंग एरिया, डिजिटल काउंटर, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं और बेहतर पब्लिक इंटरफेस पर खास जोर होगा। प्रस्तावित इमारतों को जीरो-वेस्ट मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मिस्ट स्प्रिंकलर से धूल प्रदूषण कम होगा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी का दोबारा उपयोग होगा और सौर ऊर्जा प्रणालियों से बिजली की जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा किया जाएगा। इससे न सिर्फ संचालन लागत घटेगी, बल्कि दिल्ली जैसे प्रदूषण-ग्रस्त शहर में टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। हाल ही में व्यय वित्त समिति ने द्वारका सेक्टर-10 में मिनी सचिवालय के लिए 212.91 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और अन्य जिलों के लिए भी विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य है कि पहले चरण के छह मिनी सचिवालय 18 महीनों के भीतर बनकर तैयार हो जाएं।
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