कनॉट प्लेस को नो व्हीकल जोन बनाने के लिए ट्रायल, आउटर सर्कल के आसपास लगा वाहनों का जाम
कनॉट प्लेस को पैदल चलने वालों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए रविवार का ट्रायल मुश्किलों से भरा रहा। वाहनों के इनर सर्कल में प्रवेश पर पाबंदी के कारण मिडल और आउटर सर्कल में दोपहर से ही जाम की स्थिति बनी रही। शाम तक जाम और बढ़ गया।
एनडीएमसी की दलील है कि ट्रायल के दौरान सभी पहलुओं का अध्ययन किया गया, कमियों को दूर कर कनॉट प्लेस को पेडेस्ट्रियन फ्रेंडली बनाया जाएगा। उधर, कारोबारियों ने ट्रायल को फेल बताते हुए कहा कि पैदल चलने वालों के लिए पहले ही कनॉट प्लेस में कोई जरूरत नहीं थी और इस पहल से उन्हें कारोबार में 40 फीसदी से अधिक का नुकसान हो चुका है। जनपथ से वाहनों का प्रवेश और बाबा खड़क सिंह मार्ग से निकासी का प्रावधान किया जाता तो इतनी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।
एनडीएमसी, ट्रैफिक पुलिस और कारोबारियों की देखरेख में ट्रायल शुरू किया गया, लेकिन जैसे-जैसे शाम होती गई पहले आउटर जबकि बाद में मिडिल सर्कल में भी वाहनों की लाइन लगने लगी। शॉपिंग के लिए पहुंचने वाले अधिकतर लोगों को धूप में पैदल चलना पड़ा तो नियत पार्किंग स्थल आने जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पहले बुनियादी सुविधाएं विकसित करे सरकार
नो व्हीकल जोन की कवायद की कुछ लोग तारीफ करते नजर आए। लेकिन अधिकतर लोगों ने इसे प्रायोगिक न मानते हुए कहा कि इसे लागू करने से पहले बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित किया जाना चाहिए। नए प्लान के तहत गर्मी और बारिश के दिनों में शॉपिंग के लिए पहुंचने वालों को भी मुश्किलें पेश आएंगी तो रात के वक्त महिलाओं की सुरक्षा का भी बड़ा सवाल है। एनडीएमसी की ओर से कनॉट प्लेस को पैदल चलने वालों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वाहन मुक्त करने के लिए ट्रायल के दौरान कई खामियां भी सामने आईं। इस वजह से जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही।
पैदल चलने वालों के लिए सबसे ज्यादा जगह
कनॉट प्लेस के कारोबारियों का कहना है कि एनडीएमसी की पहल पैदल चलने वालों को और बेहतर सुविधा मुहैया करवाने व प्रदूषण और वाहनों को कम करने के लिहाज से की गई है, लेकिन कनॉट प्लेस में पहले से ही पैदल चलने वालों के लिए 35 फुट जगह है जो देश के किसी भी मार्केट से अधिक है। वदेश के तर्ज पर यहां कोई पहल की जा रही है तो सभी पहलुओं पर गौर किया जाना चाहिए।
सुबह रही वीरानी, शाम को हुई परेशानी
सुबह से शुरू हुए ट्रायल के दौरान इनर सर्कल तो वीरान दिखा, लेकिन मिडिल और आउटर सर्किल को जोड़ने वाले बिंदुओं पर 12 बजे से ही वाहनों के जाम की स्थिति रही। खासकर मूवी शो खत्म होने या शाम के वक्त शॉपिंग के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों के पहुंचने से आउटर सर्कल पर वाहनों का जाम लगने लगा।
बढ़ेगा वाहनों का जाम और प्रदूषण
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव विक्रम बधवार ने कहा कि कनॉट प्लेस और दिल्ली की बेहतरी के लिए उठाए जाने वाले किसी भी कदम को अपनाने के लिए कारोबारी साथ हैं, लेकिन ट्रायल के दौरान आउटर सर्कल और मिडल सर्कल में वाहनों का जाम और लंबा हो जाएगा।
रविवार का दिन होने की वजह से वाहनों की संख्या आउटर सर्कल पर कम होती है, सप्ताह के दूसरे दिनों में स्थिति और भी खराब होगी। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि वाहनों का एक बार फिर से जाम बढ़ जाएगा। आउटर सर्कल से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और कश्मीरी गेट बस अड्डा के लिए रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आना जाना होता है। जाम से इन यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाएंगी।
सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद लागू होगा प्लान: सचिव
एनडीएमसी की सचिव रश्मि सिंह ने कहा कि ट्रायल के दौरान सभी पहलुओं पर अधिकारियों और कर्मियों सहित तमाम समूहों की नजर है। इस दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया गया ताकि बाद में परेशानी पैदा न हो। ट्रायल के दौरान के अनुभवों के आधार पर इस पहल में शामिल सभी विभागों और कारोबारियों के साथ विचार विमर्श और अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। सचिव ने कहा कि इस पहल से पार्किंग में मदद की गई ताकि आवागमन में परेशानियां न हो। ट्रायल के बाद मिलने वाले सुझावों के आधार पर नीतियों में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं ताकि पैदल चलने वालों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले। इस पहल का उद्देश्य कनॉट प्लेस को पैदल चलने वालों के लिए और सुलभ बनाने सहित प्रदूषण और जाम से मुक्त बनाना है।
पूरे सप्ताह लागू होने से और बढ़ जाएंगी मुश्किलें
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अतुल भार्गव ने कहा कि ट्रायल सफल नहीं हो सका है। पहले दिन वाहनों के जाम की स्थिति रही, जिससे प्रदूषण में भी बढ़ोतरी होगी। इस वजह से बिक्री में कमी हुई है। इस योजना को पूरे सप्ताह लागू किया जाएगा तो कारेाबारियों को कनॉट प्लेस छोड़कर कहीं और पलायन करना पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान होने की वजह से कारोबारियों के यहां काम करने वाले कर्मियों की भी छंटनी होगी, नतीजतन मुश्किलें और बढ़ेंगी। पैदल चलने वालों के लिए पहले ही पर्याप्त जगह है और यह देश भर की तमाम मार्केट की तुलना में सबसे बड़ा पेडेस्ट्रियन है। कारोबारियों का कहना है कि जनपथ से वाहनों के प्रवेश और बाबा खड़क सिंह से निकासी के प्रस्ताव को बदला जाना ठीक नहीं है। इसमें किए बदलाव से हर तरह की परेशानियां बढ़ जाएंगी।