राहुल गांधी के इस्तीफे से नाराज कार्यकर्ता ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर की आत्महत्या की कोशिश
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अपने पद से इस्तीफा देने की जिद पर अड़े कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मनाने के लिए आज एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर के बाहर खुदकुशी करने की कोशिश की। हालांकि समय रहते लोगों ने उसे बचा लिया।
उसका कहना है कि, 'राहुल गांधी को अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए नहीं तो मैं फांसी लगा लूंगा।' बता दें कि लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की करारी शिकस्त की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है।
राहुल की पेशकश के बाद से ही पार्टी के अन्य पदों पर आसीन कई नेताओं ने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए इस्तीफे की पेशकश की है। पार्टी के कार्यकर्ता अपने-अपने तरीके से राहुल को मनाने में लगे हैं लेकिन राहुल अपनी बात पर अड़े हैं कि अब वो कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बनेंगे।
Delhi: A Congress worker attempted suicide by trying to hang himself outside Congress Office. He says, "Rahul Gandhi should take back his resignation else I will hang myself." pic.twitter.com/AhoClvzEPk
— ANI (@ANI) July 2, 2019
कमेटी भंग करने के खिलाफ पार्टी में घमासान जारी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पद पर बने रहने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अनशन करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के समीप प्रदेश के नेता अनशन शुरू करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के खिलाफ अनशन करेंगे। राहुल के इस्तीफे की पेशकश ने पार्टी वर्करों को विचलित कर दिया है। यह कांग्रेस नेताओं के लिए अकल्पनीय, असहनीय है।
कमेटी भंग करने के खिलाफ पार्टी में घमासान जारी
उधर, प्रदेश कांग्रेस में ब्लॉक कमेटी को भंग करने के खिलाफ अभी भी घमासान मचा हुआ है। प्रदेश नेतृत्व के करीबियों का तो यहां तक कहना है कि प्रदेश प्रभारी पीसी चाको को हम जानते तक नहीं है। चाको को वह अपना प्रदेश प्रभारी तक मानने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं ब्लॉक के बाद अब जिला पदाधिकारियों को भी भंग करने की चर्चा उठने लगी है।
उधर, विरोधी खेमे का कहना है कि विधानसभा नजदीक है। अगर हम संगठन को ही मजबूती नहीं देंगे तो चुनाव जीतना मुश्किल है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में नई शुरुआत करना फायदे का सौदा नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राहुल गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने 280 ब्लॉक समिति को भंग कर दिया था।
इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने इस आदेश को मानने से इंकार करते हुए कहा कि केंद्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सहमति के बगैर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व यह निर्णय नहीं ले सकती। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने भी आलाकमान को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई।