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चोरों का कबूलनामा, मां और बेटे के इलाज के लिए चोरी किए वाहन
ब्यूरो, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:52 AM IST
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पुलिस ने वाहन चोरी में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये अपनी बीमार मां और बेटे के इलाज के लिए वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों की पहचान गांव टिटावी, मुजफ्फरनगर निवासी प्रवीन चौधरी (35) और गांव पावली, बागपत निवासी अजय चौधरी उर्फ सोनू (23) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से चोरी की दो कारें, पांच बाइक, एक स्कूटी और एक तमंचा बरामद किया गया है।
पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दक्षिण दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थी। चोर बारापुला पुल से काले खां होते हुए पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो जाते थे। इसी कड़ी में पुलिस ने छानबीन शुरू की। टीम ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोका। जांच में पता चला कि उक्त बाइक 3 जुलाई को लोधी कॉलोनी इलाके से चोरी की गई है।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ के बाद चोरी के आठ वाहन और तमंचा बरामद किया गया। दोनों की गिरफ्तारी से दिल्ली व सोनीपत में वाहन चोरी के आठ मामले सुलझे हैं। इनका गैंग लीडर हापुड़ का सुमित है। यह लोग दिल्ली में चोरी की गाड़ी से आते थे। बाद में वारदात को अंजाम देकर वापस लौट जाते थे।
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पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया है कि दोनों को अपनी मां व बेटे का इलाज कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसीलिए दोनों ने वाहन चोरी करने की ठानी। पंकज यूपी के एक कॉलेज से बीएससी मैथ्स है। उसकी मां को कैंसर है। वहीं अजय के बेटे के दिल में छेद है। उसके इलाज के लिए दोनों ने कई साल पहले सुमित के गैंग का हाथ थामा था।
चुंबक से खोलते थे कार का लॉक
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह लोग करीब 800 ग्राम की एक बड़ी चुंबक अपने पास रखते थे। चुंबक को स्टेयरिंग के पास रखकर उसमें लॉक में खास तरह की चाबी डाली जाती थी। जिसके बाद यह लॉक खोल लिया करते थे। आरोपियों ने दावा किया है कि होंडा सिटी कार को खोलना सबसे आसान है। इसके अलावा दोनों पेच डालकर भी बाइक व कार के लॉक खोल लिया करते थे।
ऑन डिमांड चुराते थे वाहन
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह लोग ऑन डिमांड वाहन चोरी करते थे। इनके बाकी साथी टोटल लोस कारों के पेपर खरीद लिया करते थे। उसके आधार पर कार का रंग और मॉडल के हिसाब से कारें चोरी होती थी। कई बार चोरी की कारों को मेरठ में बेच दिया जाता था। इसके अलावा इनके पेपर तैयार कर चेसिस व इंजन नंबर बदलकर नेपाल भेज दिया जाता था।
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पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से दक्षिण दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थी। चोर बारापुला पुल से काले खां होते हुए पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो जाते थे। इसी कड़ी में पुलिस ने छानबीन शुरू की। टीम ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोका। जांच में पता चला कि उक्त बाइक 3 जुलाई को लोधी कॉलोनी इलाके से चोरी की गई है।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ के बाद चोरी के आठ वाहन और तमंचा बरामद किया गया। दोनों की गिरफ्तारी से दिल्ली व सोनीपत में वाहन चोरी के आठ मामले सुलझे हैं। इनका गैंग लीडर हापुड़ का सुमित है। यह लोग दिल्ली में चोरी की गाड़ी से आते थे। बाद में वारदात को अंजाम देकर वापस लौट जाते थे।
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पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया है कि दोनों को अपनी मां व बेटे का इलाज कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसीलिए दोनों ने वाहन चोरी करने की ठानी। पंकज यूपी के एक कॉलेज से बीएससी मैथ्स है। उसकी मां को कैंसर है। वहीं अजय के बेटे के दिल में छेद है। उसके इलाज के लिए दोनों ने कई साल पहले सुमित के गैंग का हाथ थामा था।
चुंबक से खोलते थे कार का लॉक
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह लोग करीब 800 ग्राम की एक बड़ी चुंबक अपने पास रखते थे। चुंबक को स्टेयरिंग के पास रखकर उसमें लॉक में खास तरह की चाबी डाली जाती थी। जिसके बाद यह लॉक खोल लिया करते थे। आरोपियों ने दावा किया है कि होंडा सिटी कार को खोलना सबसे आसान है। इसके अलावा दोनों पेच डालकर भी बाइक व कार के लॉक खोल लिया करते थे।
ऑन डिमांड चुराते थे वाहन
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह लोग ऑन डिमांड वाहन चोरी करते थे। इनके बाकी साथी टोटल लोस कारों के पेपर खरीद लिया करते थे। उसके आधार पर कार का रंग और मॉडल के हिसाब से कारें चोरी होती थी। कई बार चोरी की कारों को मेरठ में बेच दिया जाता था। इसके अलावा इनके पेपर तैयार कर चेसिस व इंजन नंबर बदलकर नेपाल भेज दिया जाता था।