दिखावे के 'गुलाबी' बूथ: महिलाओं की सुरक्षा के लिए खोले गए पिंक बूथों की हालत खस्ता, पुलिस नदारद; लगा रहता ताला
वर्तमान हालात यह है कि अधिकतर पिंक बूथ या तो बंद मिलते हैं या फिर उसमें कोई पुलिसकर्मी नहीं होता है। कुछ बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहती तो है, लेकिन वहां ऐसी व्यवस्था नहीं है कि वहां महिलाएं यह सोचकर जाएं कि वहां उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
विस्तार
महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए खोले गए अधिकतर पिंक बूथों की स्थिति खराब है। पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना के कार्यकाल में सभी 15 जिलों के डीसीपी में पिंक बूथ खोला गया था।
कई जगह पर नए पिंक बूथ बनाए गए थे तो कुछ जगहों पर पहले से बने बूथों को पिंक बूथ का रूप दे दिया गया। अधिकतर बूथों का तत्कालीन पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उद्घाटन किया था। सभी बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। इसमें महिला कर्मियों की संख्या अधिक होती है।
बूथों में पुलिसकर्मियों के अलावा शिकायतकर्ता महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियां, शिकायत दर्ज करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम व पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई थी। महिला पुलिसकर्मियों को थानों से मुहैया कराई गई स्कूटी व उनके हेलमेट के रंग को भी पिंक कर दिया गया था। लेकिन वर्तमान हालात यह है कि अधिकतर पिंक बूथ या तो बंद मिलते हैं या फिर उसमें कोई पुलिसकर्मी नहीं होता है। कुछ बूथों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रहती तो है, लेकिन वहां ऐसी व्यवस्था नहीं है कि वहां महिलाएं यह सोचकर जाएं कि वहां उनकी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
स्वीकृत से ज्यादा है महिला पुलिस कर्मियों की संख्या
दिल्ली पुलिस में 6429 महिला पुलिस कर्मियों के स्वीकृत पद है, लेकिन इससे ज्यादा 11334 महिला पुलिसकर्मी दिल्ली में पुलिस में तैनात हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस में स्वीकृत पद से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती है।
सबसे अधिक पिंक बूथ शाहदरा जिले में
नई दिल्ली-- 6
द्वारका--- 16
पश्चिमी--- 12
दक्षिण--- 2
दक्षिण-पूर्वी-- 7
दक्षिण-पश्चिम-- 7
पूर्वी-- 5
उत्तरी-- 14
उत्तर-पूर्वी-- 6
उत्तर-पश्चिम-- 13
बाहरी -- 10
बाहरी--उत्तरी-- 5
राेहिणी-- 7
शाहदरा-- 17
मध्य-- 12
कुल :-139