{"_id":"6a8b149220617bdbba0ee36b","slug":"compost-manure-will-be-made-from-household-wet-waste-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151824-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: घर के गीले कचरे से बनेगी कंपोस्ट खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: घर के गीले कचरे से बनेगी कंपोस्ट खाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। एमसीडी ने कचरे के स्रोत पर ही निस्तारण और गीले कचरे से खाद बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। इस कड़ी में महापौर प्रवेश वाही ने रविवार को रोहिणी सेक्टर-9 स्थित आत्म वल्लभ हाउसिंग सोसाइटी में एरोबिन और प्लास्टिक वेस्ट ड्रॉप बॉक्स का लोकार्पण किया।
महापौर वाही ने बताया कि एरोबिन की मदद से एक बिन में एक बार में करीब 10 किलो गीले कचरे को बायो-कल्चर की सहायता से कंपोस्ट खाद में बदला जा सकता है। इससे गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर निस्तारण के साथ-साथ कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता और कचरे के उचित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया। महापौर ने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करने की अपील की। ब्यूरो
विज्ञापन
महापौर वाही ने बताया कि एरोबिन की मदद से एक बिन में एक बार में करीब 10 किलो गीले कचरे को बायो-कल्चर की सहायता से कंपोस्ट खाद में बदला जा सकता है। इससे गीले कचरे के स्थानीय स्तर पर निस्तारण के साथ-साथ कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता और कचरे के उचित निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया। महापौर ने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करने की अपील की। ब्यूरो
विज्ञापन