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Delhi NCR News: दुर्घटना में मारी गई महिला के परिवार को 24 लाख से अधिक का मुआवजा
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- अपने दोस्तों के साथ टू-व्हीलर पर ट्रिपल राइडिंग करते समय हुई थी महिला की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मोटर दावा न्यायाधिकरण ने 22 साल की महिला के माता-पिता को 24.75 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। महिला की मौत अपने दोस्तों के साथ टू-व्हीलर पर ट्रिपल राइडिंग करते समय हुई थी। पीठासीन अधिकारी रुचिका सिंगला ने 7 दिसंबर, 2020 को दुर्घटना में मरने वाली शिल्पा के माता-पिता द्वारा दायर दावा याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। शिल्पा और उनकी दोस्त अंजलि पीछे बैठी थीं, जबकि उनका दोस्त रोहित टू-व्हीलर चला रहा था। आदेश सुनाते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि दुर्घटना रोहित की लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुई।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि रोहित ने अपने दोस्तों के कहने के बावजूद तेज स्पीड में और टेढ़े-मेढ़े तरीके से गाड़ी चलाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि महिला की मौत उसके दिमाग पर ब्लंट सरफेस इम्पैक्ट ट्रामा लगने से हुई। इसके बाद कोर्ट ने उनके परिवार के सदस्यों को अलग-अलग मदों में 24.75 लाख रुपये का मुआवजा दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि जिस गाड़ी में रोहित सवार था, जो किसी और की है, उसका इंश्योरेंस नहीं था, इसलिए सवार और मालिक दोनों मिलकर मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मोटर दावा न्यायाधिकरण ने 22 साल की महिला के माता-पिता को 24.75 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। महिला की मौत अपने दोस्तों के साथ टू-व्हीलर पर ट्रिपल राइडिंग करते समय हुई थी। पीठासीन अधिकारी रुचिका सिंगला ने 7 दिसंबर, 2020 को दुर्घटना में मरने वाली शिल्पा के माता-पिता द्वारा दायर दावा याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। शिल्पा और उनकी दोस्त अंजलि पीछे बैठी थीं, जबकि उनका दोस्त रोहित टू-व्हीलर चला रहा था। आदेश सुनाते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि दुर्घटना रोहित की लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से हुई।
ट्रिब्यूनल ने कहा कि रोहित ने अपने दोस्तों के कहने के बावजूद तेज स्पीड में और टेढ़े-मेढ़े तरीके से गाड़ी चलाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि महिला की मौत उसके दिमाग पर ब्लंट सरफेस इम्पैक्ट ट्रामा लगने से हुई। इसके बाद कोर्ट ने उनके परिवार के सदस्यों को अलग-अलग मदों में 24.75 लाख रुपये का मुआवजा दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि जिस गाड़ी में रोहित सवार था, जो किसी और की है, उसका इंश्योरेंस नहीं था, इसलिए सवार और मालिक दोनों मिलकर मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार हैं।
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