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'आइए और मेरी स्कर्ट पर खून के निशान देखिए'

Thu, 09 Apr 2015 05:12 PM IST
Updated Thu, 09 Apr 2015 05:12 PM IST
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'Come and see the blood on my skirt' rally in DU

पहले सैनिटरी पैड्स पर रेप को लेकर जागरूकता संबंधित कोटेशन लिखकर जामिया व जेएनयू कैंपस में चिपकाने के बाद अब डीयू के छात्र शुक्रवार को एक अलग तरह की रैली निकालने वाले हैं।

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इस रैली में स्टूडेंट्स खून के धब्बे लगे कपड़े पहनकर, रूई का बंडल, सैनिटरी पैड्स, कपड़े और गर्भनिरोधक गोलियां लेकर डीयू कैंपस की सड़कों पर उतरेंगे।

इस रैली के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र पीरियड्स और सेक्सिज्म से जुड़े टैबू व कलंक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पीरियड्स से जुड़े कलंक को दूर करना है मकसद

'Come and see the blood on my skirt' rally in DU

इस रैली की एक संयोजक दीप्ती शर्मा ने बताया कि, पीरियड्स में निकलने वाला खून हमारे समाज में औरतों के साथ होने वाले व्यवहार और उनसे जुड़े कलंक को दर्शाता है। यहां तक कि कहीं-कहीं इन्हें देवी, आज्ञाकारी पत्नी जैसे शब्दों से भी पुकारा जाता है या‌ फिर गालियां दी जाती हैं।

दीप्ती कहती हैं कि आज के समाज में यह नजरिया सही नहीं है और वो इसे अस्वीकार करती हैं। दीप्ती बताती हैं इससे पहले चलाए गया आंदोलन 'पैड्स अगेंस्ट सेक्सिज्म' बहुत ही रचनात्मक रूप से लोगों के बीच लाया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी ये रैली 'आओ मेरी स्कर्ट पर खून देखो' उसी पुराने आंदोलन को आगे ले जाने के लिए है।

बता दें कि 'पैड्स अगेंस्ट सेक्सिज्म' एक वैश्विक कैंपेन था जिसमें सेक्सिज्म के विरोध में सैनिटरी पैड्स पर संदेश लिखकर जगह-जगह चिपकाया गया था।

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जामिया के आंदोलन को आगे ले जाएगा डीयू

'Come and see the blood on my skirt' rally in DU

इस आंदोलन की शुरूआत जर्मनी में हुई थी जिसे बाद में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बच्चों ने भी अपने कैंपस में शुरू किया था। जामिया व जेएनयू के छात्रों ने पूरे कैंपस में इस तरह के संदेश लिखकर चिपकाए गए थे जिसे बाद में कॉलेज प्रशासन ‌ने उखाड़ कर फेंक दिया था।

दीप्ती बताती हैं कि जब जामिया के छात्रों ने यह अभियान चलाया तो डीयू के छात्र भी उससे काफी प्रेरित हुए और उन्होंने इस अभियान को एक अलग ही तरह से चलाने का मन बनाया।

ऐसा इसलिए है क्योंकि जामिया में जब यह कैंपेन चला तो बहुत कम लोग ही इसे समझ पाए थे। ऐसा अभियान चलाकर डीयू के छात्र चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की नजर उनपर जाए और वो लोग इस बारे में उनसे खुलकर बात कर सकें।

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रैली के बाद लगेगी प्रदर्शनी

'Come and see the blood on my skirt' rally in DU

छात्रों ने शुक्रवार को ये रैली करने की योजना बनाई है। यह रैली विश्वविद्यालय से शुरू होकर कमला नगर तक जाएगी। पूरी रैली में इस विषय पर हिंदी और अंग्रेजी में पर्चे बांटे जाएंगे।

इस अभियान के जरिए डीयू छात्रों को आशा है कि वो लोगों के बीच में इस विषय पर अच्छी बहस कराने और करने के लिए कामयाब हो पाएंगे। जिससे ऐसे विषयों पर खुल कर बात की जा सके जो बिलावजह महिलाओं की जिंदगियों को बांध कर रखते हैं।

इस कैंपेन में डीयू के छात्र लड़कियों से उनके पीरियड्स से जुड़े बुरे वाकये पर लिखने को कहेंगे। लड़कियों को अपनी आपबीती कपड़ों पर लिखनी होगी जिसके बाद उसकी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

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