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संयुक्त जिला अस्पताल में आई कलर डोपलर मशीन
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 11 Feb 2015 02:06 PM IST
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हार्ट के मरीजों को स्ट्रोक के खतरों से और गर्भ में पल रहे शिशुओं के जन्मजात विकृति का पता लगाना अब आसान हो जाएगा।
अब संयुक्त जिला अस्पताल में यह सुविधा जल्द शुरू होने वाली है। इस मशीन से ब्लड सर्कुलेशन का पता लगाना आसान होगा।
सरकारी अस्पतालों में कलर डोपलर सोनोग्राफी की सुविधा शुरू हो रही है। इसके लिए पहली मशीन संयुक्त जिला अस्पताल आ गई है।
कलर डोपलर अल्ट्रसोनिक मशीन के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक की ट्रेनिंग के बाद अस्पताल में यह सुविधा जल्द शुरू कर दी जाएगी।
रेडियोलॉजिस्ट का होगा प्रशिक्षण
इस मशीन को ऑपरेट करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण लखनऊ में होगा। इसके लिए तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
संयुक्त जिला अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं उनके प्रशिक्षण पर चले जाने से अस्पताल में अल्ट्रसाउंड सेवा भी प्रभावित हो सकती है।
क्या-क्या होंगे फायदे
- इससे ब्लड सर्कुलेशन का पता काफी आसानी से चलता है जिससे हार्ट रोगियों में स्ट्रोक के मामलों को आसानी से पता चल जाएगा।
- इससे गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे के ब्लड सर्कुलेशन का भी पता चलता है।
- गर्भ में पल रहे बच्चे में अगर कोई विकृति होगी तो वह पहले ही पता चल जाएगा
- किडनी रोगियों और हार्ट रोगियों के लिए भी यह वरदान साबित होगा। जबकि साधारण सोनोग्राफी मशीन से यह संभव नहीं था।
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अब संयुक्त जिला अस्पताल में यह सुविधा जल्द शुरू होने वाली है। इस मशीन से ब्लड सर्कुलेशन का पता लगाना आसान होगा।
सरकारी अस्पतालों में कलर डोपलर सोनोग्राफी की सुविधा शुरू हो रही है। इसके लिए पहली मशीन संयुक्त जिला अस्पताल आ गई है।
कलर डोपलर अल्ट्रसोनिक मशीन के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक की ट्रेनिंग के बाद अस्पताल में यह सुविधा जल्द शुरू कर दी जाएगी।
रेडियोलॉजिस्ट का होगा प्रशिक्षण
इस मशीन को ऑपरेट करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण लखनऊ में होगा। इसके लिए तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
संयुक्त जिला अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं उनके प्रशिक्षण पर चले जाने से अस्पताल में अल्ट्रसाउंड सेवा भी प्रभावित हो सकती है।
क्या-क्या होंगे फायदे
- इससे ब्लड सर्कुलेशन का पता काफी आसानी से चलता है जिससे हार्ट रोगियों में स्ट्रोक के मामलों को आसानी से पता चल जाएगा।
- इससे गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे के ब्लड सर्कुलेशन का भी पता चलता है।
- गर्भ में पल रहे बच्चे में अगर कोई विकृति होगी तो वह पहले ही पता चल जाएगा
- किडनी रोगियों और हार्ट रोगियों के लिए भी यह वरदान साबित होगा। जबकि साधारण सोनोग्राफी मशीन से यह संभव नहीं था।