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राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा : हाईकोर्ट ने निगम से पूछा- 100 साल पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड क्यों नहीं किया

Thu, 01 Aug 2024 06:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 01 Aug 2024 06:46 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा, सौ साल पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड क्यों नहीं किया गया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ के सामने एमसीडी के वकील ने कहा, संस्थान के खिलाफ मिली शिकायत जीएनसीटीडी के पास गई और 22 दिनों तक वहीं पड़ी रही। 

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coaching accident: High Court asked the corporation why it did not upgrade the 100 year old infrastructure
Delhi Coaching Centre Incident - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राव कोचिंग सेंटर मामले में हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एमसीडी के वकील ने कहा, अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं और करीब 75 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। 35 बंद कर दिए गए, जबकि 25 सील हैं। मैं किसी बात को उचित नहीं ठहरा रहा लेकिन कार्रवाई की जा रही है। वहीं, हाईकोर्ट ने कहा, सौ साल पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड क्यों नहीं किया गया। 

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ के सामने एमसीडी के वकील ने कहा, संस्थान के खिलाफ मिली शिकायत जीएनसीटीडी के पास गई और 22 दिनों तक वहीं पड़ी रही। 
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एक जुलाई को जीएनसीटीडी ने एक बेसमेंट का निरीक्षण किया और 9 जुलाई को मंजूरी जारी की। फिर वे इसे एमसीडी को भेजने की टिप्पणी के साथ लोक शिकायत आयोग को भेजते हैं। 18 जुलाई को यह आयुक्त को प्राप्त हुआ और उन्होंने इसे डिप्टी कमिश्नर को भेजा जिन्होंने इसे जेई को भेजा। जेई ने इसे शनिवार-रविवार को देखा। उसे पता चलता है कि शिकायत 26 जून की है। 
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वकील ने कहा, वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने संबंधित संपत्ति का निरीक्षण किया था और प्रमाण पत्र दिया था। ऐसे में पूरा दोष एमसीडी पर कैसे आ गया? खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से सवाल किया कि जब बिल्डिंग बायलॉज को उदार बनाया जा रहा था, तो सौ साल पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को पहले क्यों अपग्रेड नहीं किया गया? कोर्ट ने आगे कहा कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और आज की जरूरतों के बीच बहुत बड़ा अंतर है।

जब कोर्ट को बताया गया कि कुछ नगर निगम अधिकारियों को उनकी चूक के कारण बर्खास्त कर दिया गया, तो पीठ ने टिप्पणी की आपने जूनियर अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी का क्या, जिन्हें निगरानी करनी चाहिए थी?


कभी-कभी वरिष्ठ अधिकारियों को आना पड़ता है और स्वीकार करना पड़ता है। वे अपने एसी ऑफिस से बाहर नहीं निकलते। अगर आपको लगता है कि इमारतों से आप प्रकृति से लड़ सकते हैं, तो आप गलत हैं। और यह क्या योजना है? एक दिन आप सूखे की शिकायत करते हैं और अगले दिन बाढ़ आ जाती है? आपको इस मुफ्तखोरी संस्कृति पर फैसला करना होगा।

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